टीकरमाफी में संचालित डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी लखनऊ की सेटेलाइट शाखा के छात्रों ने बुनियादी सहूलियतों की मांग को लेकर शनिवार संस्थान का मुख्य गेट बंद कर जमकर हंगामा किया।
करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद परिसर में मौजूद कॉलेज के ओएसडी ने छात्रों से वार्ता कर उन्हें सभी सुविधाएं मुहैया कराने का आश्वासन दिया। तब जाकर प्रदर्शन कर रहे छात्र अपने हॉस्टल में गए।
बीते दिनों टीकरमाफी में संचालित ट्रिपल आईटी इलाहाबाद की कैंपस शाखा को तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने इलाहाबाद में शिफ्ट करा दिया था। उसके बाद उसी भवन में डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी लखनऊ की सेटेलाइट संचालित होने लगी।
यूनिवर्सिटी की ओर से पहले वर्ष मेरिट के आधार पर छात्रों का आवेदन लेकर शिक्षण कार्य शुरू कराया गया है। शुक्रवार रात बीसीए के छात्र हर्षित पांडेय की तबीयत खराब हो गई। आरोप है कि उसे रात में चिकित्सा सुविधा नहीं मिली।
सुबह जब छात्रों को इसकी जानकारी हुई तो वे आंदोलित हो उठे। छात्रों ने कॉलेज का मुख्य गेट बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का कहना था कि उन्हें न तो पर्याप्त मात्रा में पानी मिलता है और न ही कॉलेज में वाई-फाई व प्रोजेक्टर की व्यवस्था है।
हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की तबीयत खराब होने पर किसी चिकित्सक तक की व्यवस्था नहीं है। छात्र करीब तीन घंटे तक हंगामा करते रहे। परिसर में रह रहे कॉलेज के ओएसडी कमल जायसवाल ने छात्रों के बीच आकर उनकी समस्याएं सुनीं। ओएसडी ने छात्रों को समझा-बुझाकर सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, तब जाकर आंदोलित छात्र शांत हुए और हॉस्टल में गए।
सेटेलाइट शाखा के ओएसडी कमल जायसवाल ने कहा कि कुछ समस्याओं की जानकारी है। अभी कॉलेज के नाम भूमि स्थानांतरित नहीं हो सकी है। इसलिए समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। जल्द ही सभी समस्याएं दूर कर दी जाएंगी।