सुल्तानपुर। रामवन गमन मार्ग अब अयोध्या से सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक बनेगा। केंद्र सरकार ने अयोध्या से प्रतापगढ़ जिले तक की कार्ययोजना को पेंडिंग में डालते हुए इसकी दूरी प्रयागराज तक बढ़ा दी है। इसके लिए चयनित दिल्ली की एजेंसी को प्रयागराज तक भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक पहले राम वनगमन मार्ग अयोध्या से प्रतापगढ़ तक 93 किमी प्रस्तावित था। मार्ग के जिले में पड़ने वाले 40 किमी के हिस्से में तीन तहसीलों के 42 गांव जद में आ रहे हैं। तभी एजेंसी ने भूमि को चिह्नित करते हुए जद में आने वाले हिस्से में छोटे पिलर लगा दिए थे। प्रयागराज तक दायरा बढ़ने पर केंद्र सरकार के निर्देश पर एजेंसी प्रतापगढ़ जिले से आगे की भूमि चिह्नित कर रही है। केंद्र सरकार के इस आदेश से राम वनगमन मार्ग का निर्माण एक बार फिर लटक गया है।
नई कार्ययोजना में नदी पर पुलों, रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज, नालों पर पुल व टोल प्लाजा की संख्या बढ़ जाएगी। एनएचएआई की ओर से प्रयागराज तक वर्ष 2050 तक के आवागमन का आकलन करते हुए मार्ग को सिक्सलेन बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसमें अयोध्या से प्रतापगढ़ तक पूर्व में चिह्नित भूमि से ही सिक्सलेन बनाए जाने की योजना है। नया सिक्सलेन बनने से लोगों को आवागमन में और सहूलियत मिलने के आसार हैं।
तैयार की जा रही कार्ययोजना
राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण अयोध्या के अधिशासी अभियंता नवरत्न ने बताया कि अयोध्या से प्रयागराज तक राम वनगमन मार्ग सिक्सलेन बनाया जाएगा। अभी करीब 213 किमी लंबे मार्ग की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। स्वीकृति मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।