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Sultanpur News: फाइलों पर धूल, सुरक्षा पर सवाल..कागजों ने खोली पोल

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लंभुआ। पुराने तहसील भवन (आवासीय काॅलोनी) के बंद पड़े कमरे से निर्वाचन सहित अन्य सरकारी अभिलेख चोरी कर हाईवे किनारे झाड़ियों में फेंके जाने का मामला कई सवालों में घिर गया है। प्रथमदृष्टया लापरवाही मानते हुए प्रभारी रजिस्ट्रार कानूनगो शैलेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन दस्तावेज चोरी होने और फिर उन्हें फेंके जाने की पूरी कहानी रहस्य बनी हुई है।
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जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने सोमवार को लंभुआ थाने में अज्ञात के खिलाफ चोरी की प्राथमिकी दर्ज करा दी। घटना की परिस्थितियां कई सवाल खड़े कर रही हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि चोरी करने वाला व्यक्ति यदि सरकारी कागजात ले गया था तो उन्हें अपने साथ रखने के बजाय झाड़ियों में क्यों फेंक दिया। कमरे में बड़ी संख्या में और भी सरकारी फाइलें और अभिलेख मौजूद मिलने से मामला और पेंचीदा हो गया है। इन फाइलों पर धूल जमा है। तहसील प्रशासन की ओर से जांच की जिम्मेदारी पुलिस के हवाले कर दी गई है।
एसडीएम प्रीती जैन ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। अब पुलिस अपनी जांच में पूरी स्थिति स्पष्ट करेगी।
उधर, अमीन संघ ने प्रभारी रजिस्ट्रार कानूनगो के निलंबन पर सवाल उठाते हुए मंगलवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि पुराना तहसील भवन वर्षों से बंद था और उसकी चाभी निलंबित अधिकारी के पास नहीं थी। इसके अलावा निर्वाचन से संबंधित जिम्मेदारी भी उनके पास नहीं थी। ऐसे में उन्हें इस मामले में जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
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कमरे में अब भी पड़े हैं अभिलेखों के ढेर
लंभुआ। नए तहसील भवन में कार्यालय स्थानांतरित हुए सात साल हो चुके हैं, लेकिन पुराने रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में रखे अभिलेख वहीं पड़े हैं। तत्कालीन जिम्मेदारों ने निर्वाचन, राजस्व संहिता और दैवी आपदा से जुड़े अनुभागों के दस्तावेज नए भवन में स्थानांतरित नहीं किए।
मंगलवार को पुराने कक्षों में हजारों फाइलें धूल फांकती मिलीं। हैरानी की बात यह है कि पुराने तहसील परिसर में कई लेखपाल रह रहे हैं, जबकि कुछ ने वहां अस्थायी कार्यालय बना रखा है। इसी परिसर में आपूर्ति विभाग का कार्यालय भी संचालित हो रहा है। बंद कमरे से सरकारी दस्तावेज चोरी होने की घटना ने अभिलेखों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संवाद
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