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Sultanpur News: नौकरी पाकर खिले युवाओं के चेहरे

Tue, 15 Jul 2025 12:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
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राजकीय आईटीआई में लगे रोजगार में जुटे अभ्यर्थी। स्रोत- विभाग
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सुल्तानपुर। जीआईटीआई पयागीपुर में सोमवार को आयोजित मेगा रोजगार मेले में 19 कंपनियों ने 571 युवकों का चयन किया। इनमें से 21 को बुलावापत्र दिया गया जबकि अन्य को बाद में पत्र दिया जाएगा। नौकरी मिलते ही युवाओं के चेहरे खिल उठे। सभी ने एक-दूसरे को बधाई दी। मेले में कुल 1241 युवकों ने प्रतिभाग किया। मेले का आयोजन कौशल विकास विभाग व आईटीआई के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
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रोजगार मेले में टाटा मोटर्स, अशोक लीलैंड, जेपी इलेक्ट्रिक, लावा इंटरनेशनल समेत 19 कंपनियां प्रशिक्षित बेरोजगार युवकों के चयन के लिए पहुंचीं। कंपनी के अधिकारियों ने अपनी जरूरतों को देखते हुए कौशल विकास मिशन के अधिकारियों के सामने युवाओं का साक्षात्कार लिया।

ज्योति मौर्या, ज्योति यादव, सोनम, मनीषा यादव, सीमा, शिखर मौर्या, शिखर कुमार पाल व सौरभ समेत 21 युवाओं का चयन करते हुए उन्हें मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी व सहकारी बैंक के चेयरमैन योगेेंद्र प्रताप सिंह के हाथों बुलावापत्र दिलाया गया।
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बाकी 550 युवाओं को बाद में कंपनी की ओर से बुलावापत्र दिलाने का वादा कौशल विकास मिशन की ओर से किया गया है। बुलावापत्र न मिलने से मेले में आए राकेश कुमार, रमेश व पंकज समेत अन्य युवाओं को निराशा हाथ लगी।

युवकों ने बताया कि कंपनी के अधिकारियों ने साक्षात्कार लिया था। इसके पहले जीआईटीआई प्रधानाचार्य व नोडल अधिकारी भूपेंद्र कुमार पाल ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर सेवायोजन अधिकारी डॉ. दिनकर, प्रधानाचार्य विवेक उपाध्याय, मोनू दूबे, नीरज यादव, एसके नौटियाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।


चयन तो हुआ लेकिन नहीं मिला बुलावापत्र
मेले में 571 युवाओं का चयन तो किया गया लेकिन बुलावा पत्र केवल 21 को ही दिया गया। इससे चयनित बाकी युवाओं को निराशा हुई। एक चयनित युवक ने बताया कि उनका चयन अशोक लीलैंड कंपनी में हुआ है। कंपनी ने बाद में बुलावापत्र भेजने के लिए कहा है। सवाल उठाया कि जब चयन हो गया तो बुलावापत्र बाद में क्यों, देना ही था तो सभी को बाद में ही बुलावापत्र दिया जाता। एक अन्य युवक ने कहा कि बाद में बुलावापत्र भेजने का कारण मेरी समझ में नहीं आ रहा है। घर जाकर क्या बताऊंगा कि मेरा चयन हो गया लेकिन बुलावापत्र नहीं मिला। अधिकारियों को युवाओं की भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए था।
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