सुल्तानपुर। विजय नारायण हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बावजूद घटना क्यों हुई? इसका पुलिस ने खुलासा नहीं किया है। किंतु सूत्रों की मानें तो जमीन के एक टुकड़े में हिस्सेदारी को लेकर बहस शुरू हुई। फिर एक थप्पड़ गूंजा और उस थप्पड़ की गूंज तब तक कायम रही, जब तक खून नहीं बह गया।
पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ अजय सिंह सिलावर मूल रूप से अंबेडकरनगर जिले का रहने वाला है, किंतु वह काफी समय से सुल्तानपुर में ही रहता था और प्रॉपर्टी का काम करता था। उधर, विजय नारायण भी प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़ा था और दोनों संपर्क में थे। हालांकि पुलिस अभी तक अजय सिंह से हुई पूछताछ के बारे में कुछ भी नहीं बता रही है, किंतु सूत्रों के अनुसार उसने पुलिस को हत्या की जो वजह बताई उसे लेकर अफसर भी अचंभित हैं।
सूत्रों के अनुसार अजय सिंह ने बताया कि उसने कोतवाली देहात में एक जमीन खरीद रखी थी। इस जमीन में विजय नारायण भी अपना हिस्सा चाह रहा था। रविवार को उन दोनों के बीच पल्लवी होटल में इसी बात को लेकर चर्चा हो रही थी और इसी दौरान कुछ बहस हो गई। जिसमें विजय नारायण ने उसे थप्पड़ मार दिया। बात यहीं तक होती तो गनीमत थी, किंतु विजय नारायण के एक साथी ने भी उसे थप्पड़ मार दिया। यही बात अजय सिंह को अखर गई। अजय ने बताया कि इसी के बाद उसने हत्या की योजना बनाई थी। हालांकि कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक श्रीराम पांडेय कहते हैं कि अभी उससे विस्तृत पूछताछ होनी शेष है।
नहीं चाहती मेरे जैसा दुख दूसरों को मिले : निशा तिवारी
सुल्तानपुर। विजय नारायण हत्याकांड में साजिश रचने की आरोपी बनाई गईं चिकित्सक स्व. घनश्याम तिवारी की पत्नी निशा तिवारी ने कहा है कि इस घटना से उनका दूर-दूर तक लेना देना नहीं है। मंगलवार को मोबाइल पर हुई बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनके साथ जो घटना हुई है, वे नहीं चाहतीं कि किसी के साथ भी ऐसी घटना हो। वह और उनका बेटा ईश्वर के न्याय के भरोसे हैं। जहां तक उनके ऊपर लगे आरोप की बात है तो वे हर जांच के लिए तैयार हैं। एक सरकारी गनर उनके साथ रहता है, उससे तफ्तीश की जा सकती है और चाहें तो उनकी मोबाइल डिटेल और लोकेशन आदि चेक की जा सकती है। उन्होंने कहा कि वह और उनका परिवार अभी भी डरे हुए हैं। बच्चा डर से बच्चा स्कूल नहीं जा पा रहा है। छह महीने से हम परेशानियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अजय सिंह नाम के व्यक्ति का नाम तक नहीं जानती थीं।