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दहेज लेने के बाद भी बारात लेकर नहीं पहुंचा डॉक्टर

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सुल्तानपुर। एएनएम के माता-पिता से भारी-भरकम दहेज लेने के बाद भी डॉक्टर शादी के दिन बारात लेकर नहीं पहुंचा। पुलिस ने जब लड़की के पिता की तहरीर पर केस नहीं दर्ज किया तो उसने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई। एसपी के आदेश पर पुलिस ने आरोपी डॉक्टर और उसके पिता के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
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कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती दिल्ली में संविदा पर एएनएम के पद पर कार्यरत है। युवती की शादी प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के गोसाईपुरवा (सोनपुरा) निवासी डॉ. राजेश कुमार बौद्ध के साथ दिसंबर 2019 में तय हुई थी।
दिसंबर महीने में युवती के घर बाकायदा रीति रिवाज से सगाई भी संपन्न हुई थी। सगाई में युवती के पिता ने करीब दो लाख रुपये भी खर्च किए थे। सगाई की रस्म पूरी करने के बाद 22 अप्रैल 2020 को विवाह की तिथि निश्चित की गई थी लेकिन लॉकडाउन के चलते दोनों पक्षों ने सहमति पर शादी स्थगित कर विवाह के लिए 19 जून 2020 की दूसरी तिथि तय कर दी।
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डॉ. राजेश कुमार ने दहेज में कार की मांग की तो युवती के पिता ने 12 व 15 जून को डॉ. राजेश कुमार के खाते में छह लाख रुपये भी जमा किया था। 19 जून को युवती के घर वालों ने बरातियों के आवभगत की पूरी व्यवस्था की थी। देर रात तक डॉ. राजेश कुमार बारात लेकर युवती के घर नहीं पहुंचे।
बारात नहीं आने पर युवती के परिवारीजन डॉ. राजेश के घर पहुंचे और पूछताछ की। तब डॉ. राजेश ने शादी से इंकार कर दिया। यही नहीं दहेज में कार के लिए छह लाख रुपये भी वापस नहीं किया और न ही शादी की तैयारी में खर्च रुपये ही दिए।
डॉ. राजेश कुमार और उनके पिता की बातें सुनकर युवती के पिता काफी आहत हुए और दूसरे दिन कोतवाली देहात थाने पहुंचे और तहरीर दी। पुलिस ने युवती के पिता की तहरीर पर केस नहीं दर्ज किया। उसके बाद पीड़ित पिता पुलिस अधीक्षक शिवहरी मीणा के पास पहुंचे और आपबीती सुनाई।
एसपी ने कोतवाली देहात थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह को तत्काल केस दर्ज करने का आदेश दिया। इस संबंध में एसओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि राजेश कुमार और उसके पिता रामसहाय के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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