सुल्तानपुर। दुष्कर्म व हत्या के मामले में जेल में निरुद्ध आरोपी का डीएनए सैंपल संरक्षित करने की अर्जी पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह की अदालत ने शनिवार को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने डीएनए जांच के लिए सैंपल लेने व अन्य उचित कार्रवाई की इजाजत दी है।
अदालत ने जिला कारागार में निरुद्ध आरोपी का नियमानुसार डीएनए सैंपल लेने के लिए विवेचक को आदेश दिया है।
जयसिंहपुर कोतवाली के एक गांव में गत 15 अप्रैल को अंबेडकरनगर जिले के महरुआ थाने के एक गांव की रहने वाली युवती का शव मिला था। मृतका के भाई ने जयसिंहपुर क्षेत्र के गोलू के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मृतका के शव का पोस्टमार्टम हुआ तो शरीर पर चोट के निशान मिले और दुष्कर्म की पुष्टि हुई।
पुलिस ने 24 अप्रैल को आरोपी गोलू पर हत्या के अलावा दुष्कर्म की धारा लगा जेल भेजने की कार्रवाई की। आरोपी गोलू को जेल भेजने के बाद विवेचक प्रमोद कुमार मिश्र ने डीएनए सैंपल संरक्षित किए जाने की मांग करते हुए सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी थी। बचाव पक्ष ने भी आपत्ति नहीं जताई थी। अदालत ने विवेचक की अर्जी पर बहस सुनकर आदेश सुरक्षित कर लिया था। शनिवार को अदालत ने अर्जी पर अपना फैसला सुनाया।