सुल्तानपुर। जिले में सप्ताह भर से पड़ रही भीषण गर्मी अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। तेज धूप और गर्म हवा के कारण लोग बेहाल रहे। मेडिकल कॉलेज में हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए विशेष वार्ड तैयार किया गया है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में उल्टी-दस्त, चक्कर आने और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। चिकित्सकों के मुताबिक तेज धूप और लगातार बढ़ रहे तापमान का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से आपात स्थिति से निपटने के लिए वातानुकूलित लू वार्ड तैयार किया है। यहां ओआरएस, ड्रिप और जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
मौसम पर्यवेक्षक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 5.2 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस रहा। इसमें 1.4 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। दक्षिणी-पश्चिमी हवा की गति 3.1 किमी/घंटा रही। आगामी 24 घंटे में मौसम शुष्क बने रहने/लू चलने, हवा सामान्य गति से पश्चिमी-पूर्वी चलने और औसत तापमान सामान्य से तीन-चार डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है।
गर्मी में गन्ने का जूस, तरबूज और नारियल पानी का करें सेवन
मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. एससी गुप्ता ने बताया कि तेज धूप और लू शरीर की ऊर्जा तेजी से खत्म कर देती है। शरीर का सामान्य तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस तक रहता है, लेकिन लू लगने पर यह तेजी से बढ़ने लगता है। इससे बुखार, पसीना और गला सूखने जैसी समस्याएं होती हैं। उन्होंने लोगों को गन्ने का जूस, तरबूज, खरबूजा, नारियल पानी और बेल का शर्बत पीने की सलाह दी।
लू से बचने के लिए बरतें सावधानी
घर से बाहर निकलते समय गमछा, टोपी, चश्मा और छाते का प्रयोग करें।
हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें।
छाछ, लस्सी, नींबू पानी, बेल का शर्बत और आम का पना अधिक मात्रा में लें।
प्यास न लगने पर भी बार-बार पानी पीते रहें।
धूप में खाली पेट बाहर निकलने से बचें।
ऐसे पहचानें लू के लक्षण
शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होना।
तेज सिरदर्द और उल्टी जैसा लगना।
चक्कर आना और मांसपेशियों में ऐंठन होना।
अत्यधिक पसीना और गला सूखना।
लू लगने पर करें ये उपाय
प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छांव में लिटाएं।
सिर को सीधे धूप से बचाएं।
तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।