सुल्तानपुर। कुड़वार के नौगवांतीर निवासी विनोद सिंह की बेटियों नेहा, खुशी और बेटे आदर्श प्रताप सिंह ने एक साथ सिपाही भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया था। घर पर भाई-बहन ने एक साथ परीक्षा की तैयारी की। नेहा ने बताया कि किसी प्रश्न में उलझने पर हम आपस में एक-दूसरे का संशय दूर करते थे। खुशी और आदर्श ने कहा कि मेहनत के दम पर सफलता का भरोसा था। अब परिवार में खाकी ही दिखेगी।
बल्दीराय के हलियापुर के जरईकला गांव निवासी समर बहादुर सिंह के दो बेटे अनुराग सिंह और अनुज सिंह सिंह सिपाही बनने में कामयाब हुए हैं। पिता ईंट भट्ठे पर मुंशी का कार्य करते हैं। अनुराग सिंह ने बताया कि लखनऊ में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। पुलिस भर्ती परीक्षा में आवेदन करने के बाद छोटे भाई अनुज सिंह को लखनऊ बुला लिया।
दोनों लिखित परीक्षा के लिए नियमित छह-सात घंटे पढ़ाई करते थे। लंभुआ मदनपुर पनियार गांव के निजामुद्दीन पेशे से व्यवसायी हैं। चार बेटे व तीन बेटियों में बड़ा बेटा व्यवसाय से जुड़ा है। बाकी तीनों बेटे पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल हुए थे। मो. सलमान अली व मो. सैयद शाहबाज अली का चयन हो गया। तीसरे भाई का कुछ नंबरों से चयन नहीं हो पाया। दो सगे भाइयों के चयन से खुशी का माहौल है।