द्वारिकागंज (सुल्तानपुर)। क्षेत्र से होकर गुजरी शारदा सहायक खंड-16 की जुड़वा नहरों में पानी न आने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। गन्ने की बोआई के समय पर दोनों नहरों का जलस्तर तलहटी में पहुंचने से किसानों को परती पड़े खेतों की सिंचाई के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आलू, मटर व सरसों की कटाई कर चुके किसान खेतों में गन्ने की बोआई के लिए परेशान हैं।
किसान सहकारी चीनी मिल होने से यह एरिया गन्ना बेल्ट के रूप में जाना जाता है। पास में ही चीनी मिल होने से यहां के किसानों को काफी सहूलियत मिलती है। क्षेत्र के लोकेपुर, कौडि़यावां, मिरदासपुर, भरथीपुर, भटपुरा, मिश्राने, मदनपुर, राजनपुर, सुदनापुर, पूरे अनंत राम, रामदासपुर, सोनारा, पूरे बरवन, नेवाजी सरैया, अलहदादपुर, सलारपुर, बनमई, नेवढ़िया, बसौहां, बैदहा, रामचंद्रपुर आदि गांवों से होकर शारदा सहायक की दोनों नहरें गुजरी हैं। गन्ने की औसतन उपज नहर एरिया के इन्हीं गांवों से तैयार होकर चीनी मिल पर जाती है।
गन्ना बोआई के मुख्य समय पर इस बार दोनों नहरों में पानी तलहटी में पहुंच गया है। कुलाबे सूखे पड़े हैं तो नहरों से निकली माइनरों में पानी की जगह धूल उड़ रही है। सिंचाई के अभाव में गन्ने की खेती का कार्य प्रभावित हो रहा है।
जल्द पानी आने की संभावना
शारदा सहायक खंड-16 नहर के अवर अभियंता अरविंद यादव ने बताया कि पानी छोड़े जाने के लिए पत्राचार किया गया है। जल्द ही जुड़वा नहरों में पानी आने की उम्मीद है। पानी आने पर किसानों को गन्ना की बोआई करने में सहूलियत मिलेगी।