सुल्तानपुर। बेसिक शिक्षा विभाग के अभिलेखों में हेराफेरी करने, बिना बताए गायब होने व 4.34 करोड़ रुपये हड़प लेने के आरोप से जुड़े मामले में एडीजे प्रथम संतोष कुमार की अदालत ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी कनिष्ठ लेखा लिपिक व आउटसोर्सिंग कर्मचारी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
अमेठी जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में वित्त एवं लेखा अधिकारी पद पर तैनात किशन गुप्ता ने बीते 13 जनवरी को गौरीगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया। आरोप के मुताबिक, कनिष्ठ लेखा लिपिक पद पर तैनात मनोज कुमार मालवीय दो दिसंबर 2024 से कार्यालय में कोई सूचना दिए अचानक गायब हो गए। मामले में मुकदमा दर्ज हुआ और जांच हुई तो कई अभिलेख गायब मिले और हेराफेरी करके करीब 4.34 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया, जिसमें कनिष्ठ लेखा लिपिक मनोज मालवीय, सहयोगी परिषदीय शिक्षक शैलेश चंद्र शुक्ल, एमआइएस पद पर तैनात आउटसोर्सिंग कर्मचारी अभिषेक सिंह व शिवम कुमार पांडेय जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं।
इस मामले में कनिष्ठ लेखा लिपिक पद पर तैनात लखनऊ जिले के इंदिरा नगर थाने के इंदिरा नगर निवासी मनोज मालवीय व अमेठी जिले के मुंशीगंज थाने के पश्चिम दुआरा निवासी आउटसोर्सिंग कर्मचारी अभिषेक सिंह ने स्वयं को बेकसूर बताकर गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अग्रिम जमानत अर्जी प्रस्तुत किया। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को अग्रिम जमानत देने का कोई आधार न पाते हुए उनकी अर्जी खारिज कर दी है।