सुल्तानपुर। जिला पंचायत में राज्य वित्त व केंद्रीय वित्त आयोग की धनराशि से विभिन्न कार्यों के लिए आमंत्रित किया गया टेंडर अचानक अंतिम तिथि पर स्थगित कर दिया गया। करीब साढ़े सात करोड़ का टेंडर स्थगित होने से ठेकेदारों को झटका लगा है।
वित्तीय वर्ष के अंतिम समय में जिला पंचायत ने 42 कार्यों को कराने के लिए टेंडर आमंत्रित किया था। इसकी निविदा 29 मार्च को दोपहर बाद खुलनी थी। इसमें तालाब, शौचालय, नाला, गेट निर्माण समेत अन्य कार्य शामिल हैं। वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए टेंडर आमंत्रित कर जिला पंचायत की ओर से राज्य वित्त व केंद्रीय वित्त आयोग के करीब साढ़े सात करोड़ रुपये का उपभोग करने का प्रयास चल रहा था।
अचानक अध्यक्ष के निर्देश पर जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी हरिओम नारायण चंद ने शनिवार को टेंडर स्थगित कर दिया। बताया जा रहा है कि टेंडर को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में एक रिट दाखिल होने की सूचना मिलने के बाद निविदा को स्थगित किया गया है। टेंडर स्थगित होने से दोनों वित्त आयोग की धनराशि के चालू वित्तीय वर्ष में खर्च हो पाने के आसार तकरीबन खत्म हो गए हैं।
प्रक्रिया शुरू होने से धनराशि नहीं होगी लैप्स
जिला पंचायत की अभियंता हेमा दोहरे ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह के निर्देश पर टेंडर स्थगित हुआ है। कार्य की प्रक्रिया शुरू हो गई है, इसलिए धनराशि लैप्स नहीं होगी।