सूबे में निजाम बदलने का असर जिले में दिखने लगा है। अब परिषदीय स्कूलों के गुरुजी जींस व टी-शर्ट पहनकर शिक्षण कार्य नहीं कर सकेंगे। बीएसए ने परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के जींस व टी-शर्ट पहनने पर रोक लगा दी है। आदेश के उल्लंघन पर कार्रवाई होगी।
प्रदेश में योगी सरकार बनने के साथ रोज नए आदेश जारी हो रहे हैं। परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता व पहनावे में सुधार के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। बीएसए कौस्तुभ कुमार सिंह ने परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अंशकालिक अनुदेशकों को जींस व टी-शर्ट में विद्यालय में शिक्षण कार्य करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
शिक्षकों को अब शालीन परिधानों में स्कूल जाना होगा। बीएसए के आदेश से जिले के परिषदीय विद्यालय के शिक्षकों में हड़कंप मचा है। यही नहीं अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी जींस, टी-शर्ट पहनकर कार्यस्थल पर उपस्थित पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गुटखा-पान खाने पर रहेगा प्रतिबंध
शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों को कार्यावधि में गुटखा-पान आदि के सेवन पर पाबंदी लगा दी गई है। बीएसए ने आदेश जारी कर शिक्षकों को विद्यालय में पान-गुटखा, सिगरेट, तंबाकू आदि के सेवन पर रोक लगाई है।
कार्यस्थल पर गंदगी करने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है। यही नहीं विद्यालय के आसपास पान-मसाले की दुकानों को भी हटवाने को कहा है। बीएसए कार्यालय में भी गुटखा-पान पर प्रतिबंध लगाया गया है। बीएसए कौस्तुभ कुमार सिंह ने कहा कि जो भी इस नियम का उल्लंघन करेगा, उसके विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी।
सोशल साइट पर ऑनलाइन दिखने पर होगी कार्रवाई
फेसबुक, ट्वीटर, वाट्स एप समेत अन्य सोशल साइट पर शिक्षण अवधि में ऑनलाइन रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बीएसए ने कहा है कि अधिकतर शिक्षक विद्यालय अवधि में बच्चों को पढ़ाने से ज्यादा सोशल साइट पर एक्टिव रहते हैं।
इससे छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन कार्य बाधित होता है। शिक्षण अवधि में जो भी शिक्षक सोशल साइट पर ऑनलाइन होगा, उसके विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
ग्रुप में ही विद्यालय आएं-जाएं बच्चे
परिषदीय विद्यालय एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बच्चों को ग्रुप में ही विद्यालय आने-जाने का निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक एवं बीएसए ने दिया है। गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के शेखनपुर गांव निवासी दो बच्चों के अपहरण का प्रयास किया गया था। बाद में बच्चों को छुड़ाया गया।
डीआईओएस गिरीश कुमार सिंह ने कहा कि दूरस्थ इलाकों में ऐसी आपात स्थिति से बचने के लिए बच्चों के अभिभावकों को ग्रुप में स्कूल भेजने एवं वापस आने को निर्देशित किया गया है।