सुल्तानपुर। जिले में 50 से कम बच्चों वाले 114 स्कूलों को मर्ज किया गया है। कुल 444 विद्यालयों का मर्जर किया जाना है। अभी भी शिक्षक और बच्चे असमंजस में है। अभिभावक परेशान हैं कि वे बच्चे को कहां पढ़ाएं।
मंगलवार को स्कूल खुले तो बच्चे अपने पुराने स्कूल में पहुंचे। शिक्षकों ने विद्यालय में पहुंचकर पठन-पाठन किया।मोतिगरपुर के एक शिक्षक ने बताया कि विद्यालय को मर्ज तो कर दिया गया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि शिक्षक कब से दूसरे स्कूल में जाएंगे। दूबेपुर के प्रावि पूरे लाला, नई गंज धौरहरा, कुड़वार के शनिचरा, भदैंया के पूरे किरता, सरैया अंबर व अन्य स्कूलों में पहले दिन बच्चे पढ़ने के लिए पहुंचे। पूरेदिन शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी रही।
विद्यालयों में जल भराव, परेशान शिक्षक व बच्चे
मंगलवार को बारिश के कारण भदैंया, दोस्तपुर, पीपी कमैचा, कादीपुर, दूबेपुर समेत लगभग सभी ब्लॉकों में जलभराव की शिकायतें मिलीं। कुछ विद्यालयों में तो बच्चों को कमरे तक जाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। अभी बारिश कम हुई है, फिर भी निचले इलाकों में चल रहे विद्यालयों में जलभराव की समस्या देखने को मिली।
बांटी गई किताबें व वर्कबुक
पहले दिन बच्चो को किताबें व वर्कबुक वितरित किए गए। स्कूल चलो अभियान के साथ ही कक्षा एक से तीन तक बच्चों को किताबें व वर्कबुक देने के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक कक्षा तीन तक के बच्चों को किताबें नहीं मिल सकी थीं। अब किताबें आ गई हैं, ऐसे में उन्हें वितरित करने का काम शुरू कर दिया गया है।
घर-घर जाएंगे शिक्षक
जिन बच्चों को किताबें नहीं मिली हैं, उन्हें किताबें दी जाएंगी। बुधवार से नियमित तौर से क्लास चलेंगे। इसके निर्देश सभी शिक्षकों को दे दिए गए हैं। सभी खंड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्राें में निरीक्षण करेंगे और विद्यालय संचालन में सहयोग करेंगे।
-उपेंद्र गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी