सुलतानपुर। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रवेश में नए विद्यार्थियों के लिए विषय समूह के अनुरूप ही प्रवेश लेने को कहा है। इस पर राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह रवि ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने चार मई को एक पत्र जारी किया है। नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को अपने मनपसंद का कोई भी विषय चुनने की स्वतंत्रता देती है। यहां तक कि कला संकाय का विद्यार्थी विज्ञान संकाय का विषय लेकर भी पढ़ सकता है। जारी आदेश के मुताबिक हिंदी, उर्दू व सिंधी में से विद्यार्थी कोई एक ही पढ़ सकता है। इसी प्रकार संस्कृत और अंग्रेजी भी एक साथ नहीं पढ़े जा सकते।
विद्यार्थियों को दोनों में से कोई एक ही विषय पढ़ना पड़ेगा। विज्ञान संकाय में इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर साइंस एक साथ नहीं पढ़े जा सकते, न ही भौतिकी और वनस्पति विज्ञान को एक साथ लिया जा सकता है। असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह रवि ने कहा कि यदि शीघ्र ही इस मुद्दे पर विचार नहीं किया गया तो विद्यार्थियों में भ्रम की स्थिति तो बनेगी ही, उनके विषय चयन की स्वतंत्रता भी बाधित होगी।