सुल्तानपुर। खरीफ की फसल की रोपाई पूरी होने के बाद अब विकास विभाग का जोर वीबीजी रामजी योजना के तहत अधिक से अधिक ग्रामीणों को रोजगार देने पर है। जिले के 422 गांवों में 688 कार्य शुरू हो चुके हैं, जबकि 557 गांवों में अभी कार्य शुरू होना बाकी है। इसके लिए ग्राम प्रशासकों से कार्ययोजना मांगी जा रही है।
केंद्र सरकार ने योजना के तहत पहली बार श्रमांश मद में 70 करोड़ रुपये अग्रिम उपलब्ध कराए हैं। इसमें से अब तक करीब आठ करोड़ रुपये मजदूरी के भुगतान में खर्च हुए हैं। अभी 62 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं, लेकिन बड़ी संख्या में गांवों में कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। ऐसे में विभाग ने पंचायत स्तर से कार्ययोजना लेकर तत्काल स्वीकृति देने के निर्देश दिए हैं। बीडीओ को निर्देशित किया गया है कि प्रधान, पंचायत सचिव और तकनीकी सहायकों से कार्ययोजना मिलते ही उसकी प्रक्रिया पूरी कराकर काम शुरू कराएं। विभाग का लक्ष्य उपलब्ध धनराशि का उपयोग करते हुए ज्यादा से ज्यादा जॉब कार्डधारकों को रोजगार उपलब्ध कराना है।
मजदूरी बढ़कर हुई 300 रुपये
योजना के उपायुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि वीबीजी रामजी योजना में मजदूरी बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। एक जॉब कार्डधारक को वर्ष में अधिकतम 125 दिन रोजगार मिलेगा। मजदूरी का भुगतान 15 दिन के भीतर संबंधित श्रमिक के बैंक खाते में किए जाने के निर्देश हैं।