सुल्तानपुर। प्रतापपुर गांव में शुक्रवार की सुबह कुछ साधुओं के साथ पहुंचा एक हाथी अचानक भड़क गया। हाथी ने महावत को जमीन पर पटक दिया। उसके बाद गांव में उत्पात मचाने लगा। हाथी ने कई पेड़ों को जड़ से उखाड़ दिया। एक हैंडपंप को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथी का रौद्र रूप देख ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस व वन विभाग की टीम हाथी को काबू करने की कोशिश में लगी है।
धम्मौर थाना क्षेत्र के देवलपुर द्वितीय गांव निवासी रामचंद्र यादव के हाथी को लेकर गौरीगंज निवासी महावत असलम और कुमारगंज निवासी रोजन नौगवांतीर की तरफ से साधुओं के साथ आ रहे थे। शुक्रवार की सुबह साधुओं का जत्था पूरे कुंजन तिवारी प्रतापपुर प्रथम गांव के पास पहुंचा तभी महावत की कुछ हरकत पर हाथी भड़क गया।
भड़के हाथी ने महावत असलम को जमीन पर पटक दिया, जिसे वह घायल हो गया। हाथी के उग्र होते ही साधुओं का जत्था तितर-बितर हो गया। उग्र हाथी ने गांव में उत्पात मचाना शुरू कर दिया। हाथी ने गांव के कई पेड़ों को जड़ से उखाड़ डाला। एक इंडिया मार्का टू हैंडपंप को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद हाथी एक गन्ने के खेत में घुस गया।
यह नजारा देख ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। गांव वालों ने घायल महावत को अस्पताल पहुंचाते हुए इसकी सूचना पुलिस और वन विभाग को दी। सूचना पर क्षेत्रीय वनाधिकारी अमरजीत मिश्र, थानाध्यक्ष कुड़वार अरविंद पांडेय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।
वन व पुलिस कर्मियों की टीम स्थिति को संभालते हुए राहगीरों और गांव वालों को सावधानी बरतने की हिदायत देने के साथ दूसरे महावत की मदद से हाथी को काबू करने में जुट गई। सूचना मिलने के बाद डीएफओ आनंदेश्वर प्रसाद भी मौके पर पहुंच गए। देर शाम तक वन व पुलिस विभाग की टीम हाथी को काबू करने में जुटी रही। क्षेत्रीय वनाधिकारी अमरजीत मिश्र ने बताया कि हाथी ने हैंडपंप व कुछ पेड़ों को नुकसान पहुंचाया है। वन विभाग की टीम मौके पर डटी है।
कूरेभार थाना क्षेत्र के लादीपुर गांव में वर्ष 2016 में दुर्गा पूजा विसर्जन की शोभायात्रा के लिए अंबेडकरनगर जनपद से एक हाथी मंगाया गया था। 17 अक्तूबर को लादीपुर गांव में हाथी उग्र हो गया था। उग्र हाथी ने महावत को पटक दिया था।
विसर्जन यात्रा के पहले हाथी ने राइस मिल, मकान व हैंडपंप को क्षतिग्रस्त कर दिया था। हाथी की वजह से करीब 20 लाख रुपये की क्षति हुई थी। हाथी को नियंत्रित करने के लिए लखनऊ से टीम बुलाई गई थी। टीम ने ट्रैंकुलाइजर गन से हाथी को बेहोश कर उसे काबू किया था।
जिले में जंगली व पालतू जानवरों के हिंसक होने पर उन्हें काबू करने के लिए वन विभाग के पास कोई इंतजाम नहीं है। विषम परिस्थितियों में लखनऊ से टीम बुलाकर ट्रैंकुलाइजर गन के जरिए हिंसक पशुओं को काबू किया जाता है।