टांडा-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सेमरी बाजार में शुक्रवार रात एक ट्रक गड्ढे में फंस गया, जिससे जाम लग गया। पुलिस की निष्क्रियता से एक के बाद एक वाहन जाम में फंसते चले गए। रात से लेकर शनिवार दोपहर तक हाईवे पर करीब आठ किलोमीटर लंबा जाम लग गया। 14 घंटे तक हाईवे ठप होने से वाहन चालकों के साथ ही लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
पुलिस ने क्रेन व जेसीबी की मदद से सड़क में फंसे ट्रक को बाहर निकाला, तब जाकर आवागमन बहाल हो सका। जाम की वजह से स्कूली बच्चे भी परेशान रहे। एनएच 232 टांडा-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सेमरी बाजार में उच्चीकरण के साथ ही चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। काम में लापरवाही की वजह से सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।
शुक्रवार रात करीब 10 बजे एक ट्रक सड़क के बीच हुए गड्ढे में फंस गया। ट्रक चालक ने वाहन को बाहर निकालने का प्रयास किया लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। इस बीच हाईवे से गुजरने वाले वाहन भी जाम में फंसते चले गए। लोगों ने इसकी सूचना सेमरी पुलिस चौकी के साथ ही जयसिंहपुर कोतवाली पुलिस को दी लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा।
देखते ही देखते समय बीतता गया और हाईवे पर वाहनों की कतार लगती चली गई। जाम में फंसे लोगों ने किसी तरह से रात काटकर बिताई। शनिवार सुबह जाम से लोगों की हालत खस्ता हो गई। इस बीच हाईवे पर आठ किलोमीटर दूर तक वाहनों का रेला लग गया। पुलिस की कार्यशैली से आजिज लोगों ने जाम की सूचना पुलिस के उच्च अधिकारियों को दी।
उच्च अधिकारियों की फटकार के बाद नींद से जागी पुलिस क्रेन और जेसीबी लेकर सेमरी बाजार पहुंची। दोपहर करीब 12 बजे ट्रक निकलने के बाद पुलिस कर्मियों ने धीरे-धीरे वाहनों को जाम से निकाला। शनिवार की सुबह जाम की वजह से स्कूल जाने वाले बच्चों को भी परेशानी उठानी पड़ी। बच्चे रिक्शा और टेंपो से न जाकर पैदल ही स्कूल गए।
जो वाहन अब तक फैजाबाद से होकर बस्ती, गोंडा, खलीलाबाद होते हुए गोरखपुर तक जाते थे, उन्हें इस राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर जाने में करीब 60 किलोमीटर की दूरी कम तय करनी पड़ती है। इस वजह से एनएच 232 पर वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। वाहन फैजाबाद न जाकर कटका से टांडा होते हुए सीधे बस्ती पहुंच जाते हैं।