सुल्तानपुर। अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में वर्ष 2019 में नियुक्त हुए अध्यापकों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है। शासन के निर्देश पर बीएसए ने सभी प्रबंधकों व प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी कर नियुक्ति से संबंधित पत्रावलियां तलब की हैं।
जिले में लगभग 55 सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल संचालित है। इन विद्यालयों में प्रबंधतंत्र की ओर से अध्यापकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों की भर्तियां की जाती थी। वर्ष 2019 में भी तकरीबन 10 लोग अलग-अलग विद्यालयों में नियुक्त हुए थे।
शासन ने वर्ष 2019 में अवैध रूप से नियुक्त हुए सभी अध्यापकों की नियुक्तियों को निरस्त करने का निर्देश दिया है। बेसिक शिक्षा निदेशक ने मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक को पत्र भेजकर अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में वर्ष 2019 में प्रबंधकों की ओर से गैरकानूनी तरीके से हुई अध्यापकों की नियुक्ति को निरस्त करने का आदेश दिया है।
साथ ही बीएसए को निर्देशित किया है कि एडी बेसिक की जांच में अपेक्षित सहयोग करें। इस पत्र के बाद वर्ष 2019 में नियुक्त अध्यापकों की धड़कनें बढ़ गई हैं। बीएसए दीवान सिंह यादव ने सभी संबंधित प्रबंधकों एवं प्रधानाध्यापकों को पत्र भेजकर नियुक्ति से संबंधित पत्रावली कार्यालय में जमा कराने का निर्देश दिया है। बीएसए ने कहा है कि प्रकरण मुख्यमंत्री संदर्भ से संबंधित है। इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई कदापि न बरती जाए।
शासन के विशेष सचिव देव प्रताप सिंह के 30 अक्तूबर 2019 को पत्र जारी कर अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों में अध्यापकों की भर्ती पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश जारी किया था। जारी निर्देश में उन्होंने कहा था कि अध्यापकों के पदों पर यदि भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई हो तो उसे किसी भी दशा में पूर्ण नहीं किया जाए और न ही नवीन भर्ती की जाए।