सुल्तानपुर। टांडा-बांदा हाईवे फोरलेन मार्ग बनाने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह दो चरणों में बनेगा। केंद्र सरकार के निर्देश पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण ने पहले खंड का सर्वे शुरू कर दिया है।
पहले खंड में एनएचएआई ने रायबरेली से टांडा (अंबेडकर नगर) तक करीब 200 किमी मार्ग का सर्वे शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से मार्ग पर वाहनों के आवागमन को भांपते हुए जरूरत को देखा जा रहा है। ट्रैफिक जाम और भूमि की उपलब्धता का भी सर्वे किया जा रहा है।
सर्वे में मार्ग को फोरलेन बनाने की जरूरत मिलने पर चौड़ा किया जाएगा। इस संबंध में आसपास के लोगों का भी विचार लिया जा रहा है। इसमें कुछ विभागीय अधिकारियों से भी जानकारी ली जाएगी। सर्वे में रिपोर्ट अनुकूल मिलने पर हाईवे को फोरलेन बनाने की संस्तुति एनएचएआई की ओर से भेजी जाएगी।
केंद्र सरकार के सड़क एवं परिवहन मंत्रालय विभाग से अनुमति मिलने पर डीपीआर तैयार किया जाएगा। डीपीआर बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक एजेंसी नामित करने की प्रक्रिया चल रही है। केंद्रीय मंत्री ने तीन माह पहले अंबेडकरनगर के सांसद लालजी वर्मा को पत्र भेजकर अवगत कराया था।
जिले में करीब 40 किमी हिस्सा
धम्मौर से सेमरी बाजार तक टांडा-बांदा हाईवे का करीब 40 किमी हिस्सा जिले में आता है। मार्ग के फोरलेन बनने से अंबेडकर नगर, अमेठी, रायबरेली व अन्य जिले के लोगों को भी आवागमन में सहूलियत मिल सकेगी।
जरूरत मिलने पर भेजा जाएगा प्रस्ताव
एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक विकल्प सिंह ने बताया कि रायबरेली से टांडा तक हाईवे का सर्वे किया जा रहा है। सर्वे में फोरलेन बनाने की जरूरत मिलने पर इसका प्रस्ताव भेजा जाएगा।