लंभुआ (सुल्तानपुर)। हादसे का शिकार हुए दिहाड़ी मजदूर के शव का तीसरे दिन बुधवार को अंतिम संस्कार हुआ। तहसील के चांदा कोतवाली के सोनावां गांव निवासी सुनील दूबे (36) ऊर्जा निगम में दिहाड़ी मजदूरी करते थे। सोमवार को सोनावां गांव में एचटी लाइन का फाल्ट ठीक करने में करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। शव काफी देर तक खंभे पर लटका रहा।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद चांदा थानाध्यक्ष रवींद्र कुमार सिंह व कोइरीपुर चौकी प्रभारी वेद प्रकाश शर्मा भी मौके पर पहुंचे थे। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को शव घर पहुंचा, तो परिवारीजनों ने मदद की मांग पर अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिवारीजन राजी हुए। बुधवार सुबह गोमती नदी के गुदरा घाट पर सुनील के शव का अंतिम संस्कार किया गया। तहसीलदार देवानंद तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख का मुआवजा दिलाया जाएगा। आवासीय लाभ विकास खंड का मामला है। इधर, सुनील के पिता बचई दूबे काफी समय से बीमार हैं। खेती-किसानी के अलावा परिवार के भरण-पोषण का कोई जरिया नहीं है। सुनील दूबे की तीन संतान हैं। बेटियां श्रुति (17), आयुषी (14) और बेटा अंश (10) पिता की मौत के बाद बेहाल हैं।
फफक पड़ा अंश
बुधवार सुबह परिवारीजन सुनील के शव को लेकर घाट की तरफ निकल रहे थे, तो बेटा अंश फफक पड़ा। बालक अंश की हालत देख मौजूद लोग अपने आंसू रोक नहीं सके। पत्नी प्रतीक्षा रह-रहकर अचेत हो जा रही हैं।