सुल्तानपुर। कोहर के बाद अब शीतलहर का प्रकोप शुरू हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार को जिला प्रदेश में सबसे ठंड रहा, जिसका न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। गलन और कड़ाके की ठंड से जनजीवन त्रस्त हो गया है। दिनभर बादल छाए रहने से ठंड में और इजाफा हुआ है। बचाव के लिए लोग दिनभर अलाव का सहारा लेते रहे।
रविवार को दिनभर चली पछुआ हवा से तापमान में गिरावट आई है। घरों से बाहर निकलने में परहेज करते रहे। शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव के सहारे ठंड से दिनभर बचाव करते रहे। घरों में हीटर व ब्लोअर का उपयोग बढ़ने से सुबह बिजली कटौती भी होती रही। ठंड का असर आवागमन पर पड़ा है। सड़कों पर आमदिनों की अपेक्षा भीड़ कम दिखी। शीतलहर से बाजारों की रौनक भी कम हो गई है। दुकानों पर ग्राहकों की संख्या घटने से व्यापार प्रभावित हो रहा है। रामकली बालिका इंटर कॉलेज के पास रहने वाले व्यापारी नेता अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि सुबह और शाम के समय ठंड का असर सबसे अधिक होता है। अभिनव अग्रवाल ने कहा कि शीतलहर से लोगों को परेशानी हो रही है। जिससे ग्राहक कम निकल रहे हैं।
सामूहिक अलाव की हुई व्यवस्था : मोतिगरपुर। ठंड से राहत के लिए प्रशासन के साथ आम लोग भी आगे आए हैं। कस्बे व ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। ग्रामीण स्तर पर लोग आपसी सहयोग से लकड़ी, उपले व ईंधन की व्यवस्था कर जरूरतमंदों को ठंड से बचने का प्रयास कर रहे हैं। चाय व मिष्ठान की दुकानों पर लोगों की भीड़ जुट रही है। बाजारों में सामूहिक अलाव की व्यवस्था की गई है।
कृषि विभाग की ओर से किसानों को सतर्कता बरतने, फसलों की नियमित निगरानी और पाले से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है। (संवाद)