सुल्तानपुर-वाराणसी पैसेंजर को शुक्रवार की भोर वॉशिंग लाइन धुलाई के लिए भेजा गया। वॉशिंग लाइन से स्टेशन यार्ड लौटते समय करीब पौने छह बजे कॉशन लाइन पर अचानक एक डिब्बा ट्रैक से उतर गया। डिब्बा उतरने की वजह से कॉशन लाइन का एक ट्रैक बाधित हो गया। दुर्घटना की सूचना तत्काल ड्राइवर ने कंट्रोल रूम को दी। सूचना मिलने के बाद स्टेशन अधीक्षक एलएल मीना, सहायक मंडल अभियंता आरके सैनी, सीनियर सेक्शन इंजीनियर एसके पांडेय, वाणिज्य पर्यवेक्षक ज्योति स्वरूप व आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंच गई।
रेलवे अधिकारियों के नेतृत्व में कॉशन लाइन के पॉइंट की जांच शुरू कर दी गई। जांच में पता चला कि ट्रैक पर एक पॉइंट लॉक नहीं किया गया था। इस वजह से पैसेंजर का डिब्बा डिरेल हो गया। वरिष्ठ खंड मंडल अभियंता ने मामले की जांच के लिए जांच कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है। कंट्रोल रूम की सूचना पर फैजाबाद से एआरटीएस (एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन) मंगवाई गई।
लखनऊ से रेलवे अधिकारियों ने डिब्बे को पटरी पर लाने के लिए क्रेन भी मंगवाई। उधर, बाकी कोच को जोड़कर सुल्तानपुर-वाराणसी पैसेंजर ट्रेन को तीन घंटे विलंब से रवाना किया गया। करीब सवा बजे क्रेन की मदद से कॉशन ट्रैक क्लीयर कर दिया गया। सहायक मंडल अभियंता आरके सैनी ने बताया कि शंट मैन की गलती से दुर्घटना हुई। ट्रेन के गुजरने के पहले ट्रैक पॉइंट को लॉक रहना चाहिए। ट्रैक पॉइंट लॉक नहीं होने से ट्रेन के डिरेल होने की संभावना रहती है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।