50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति के बैनामे पर एक फीसदी इनकम टैक्स लगेगा। आयकर का वहन विभागीय फॉर्म भरकर संपत्ति लेने वाले क्रेता को जमा करना होगा लेकिन धनराशि विक्रेता के पैन खाते से कटेगी। एक्ट का नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। नए नियम के बाद बड़ी संपत्तियों का बैनामा महंगा हो गया है। आयकर विभाग ने नए नियम की जानकारी स्टांप और पंजीयन विभाग को देते हुए ऐसे क्रेताओं से फॉर्म भरवाने को कहा है।
बड़ी संपत्तियों के बैनामे पर अब सरकार ने नजर गड़ा दी है। खासकर 50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति के बैनामे के मामले में सरकार की ओर से क्रेता के साथ विक्रेता पर भी नजर रहेगी। आयकर ने अपने एक्ट में नया नियम जोड़ दिया है। इसके तहत 50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति लेने वाले को आयकर विभाग का फॉर्म 26 क्यू बी भरना होगा। इसमें क्रेता व विक्रेता दोनों की चिह्नित संपत्ति समेत पूरा ब्योरा होगा। फॉर्म भरने के बाद यह जाहिर हो जाएगा कि विक्रेता संपत्ति को खरीद कर बेच रहा है या फिर उसकी निजी संपत्ति है।
50 लाख रुपये से अधिक की निजी संपत्ति के मामले में कुल धनराशि का एक फीसदी इनकम टैक्स क्रेता को विक्रेता के खाते में जमा करना होगा। आयकर विभाग के मुताबिक इस पर विक्रेता के पैन नंबर से एक फीसदी इनकम टैक्स की धनराशि कट जाएगी। आयकर अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एक्ट में नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इसकी जानकारी गत 25 नवंबर को स्टांप पर पंजीयन विभाग को दे दी गई है। स्टांप व पंजीयन विभाग को ऐसे क्रेता से फार्म 26 क्यू बी भरवाने को कहा गया है।
फॉर्म भरने के बाद विभाग को क्रेता व विक्रेता की पूरी जानकारी मिल जाएगी। ऐेसे क्रेताओं को आयकर विभाग में रिटर्न (आय-व्यय) का पूरा ब्योरा भी दाखिल करना होगा। ब्योरे से आयकर विभाग ऐसे क्रेताओं के इनकम के स्रोत का भी पता लगाएगा। आय का स्रोत गलत तरीके से पाए जाने पर आयकर विभाग ऐसे लोगों पर शिकंजा कसेगा। इनकम टैक्स की राशि लगने से बड़ी संपत्तियों का बैनामा करना और महंगा हो गया है।