जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल के पहिए बृहस्पतिवार सुबह साढ़े 10 बजे गन्ने के अभाव में थम गए। इसके पीछे गन्ना पर्ची वितरण में खामी को जिम्मेदार माना जा रहा है। इस बात को लेकर किसानों में रोष है। रात तक गन्ना पेराई शुरू नहीं हो सकी थी। हालांकि चीनी मिल के जीएम ने गन्ना के अभाव में पेराई बंद होने से इंकार किया है। उनका कहना है कि मिल तकनीकी खराबी से बंद हुई है।
चीनी मिल में गन्ना किसानों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। मिल प्रबंधन की लापरवाही से बृहस्पतिवार सुबह साढ़े 10 बजे से गन्ने के अभाव में चीनी मिल में पेराई ठप हो गई। गन्ने की कमी के पीछे पर्ची वितरण में लापरवाही बताई जा रही है। किसानों को चीनी मिल की ओर से सही समय पर पर्ची नहीं भेजे जाने से मिल का गन्ना यार्ड सूना पड़ा है। यार्ड में करीब पांच-छह ट्रॉली गन्ना ही उपलब्ध है।
पर्याप्त मात्रा में गन्ना नहीं होने से मिल प्रबंधन ने पेराई बंद करा दी। किसानों का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में और सही समय पर पर्ची भेजी गई होती तो गन्ने के अभाव में पेराई बंद नहीं करनी पड़ती। सुबह साढ़े 10 बजे से बंद हुई गन्ना पेराई रात तक शुरू नहीं हो सकी थी। गन्ना यार्ड खाली होने के बावजूद चीनी मिल प्रबंधन नो केन में मिल बंद होने की बात खारिज कर रहा है।