सुल्तानपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए अब विद्यार्थियों की कमजोरियां स्कूल स्तर पर ही दूर की जाएंगी। जिले में कक्षा नौ से 12 तक करीब 1.28 लाख विद्यार्थी हैं। इनकी कक्षा परीक्षाओं के परिणाम का विश्लेषण किया जाएगा।
सह जिला विद्यालय निरीक्षक जटाशंकर ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कमजोर विद्यार्थी केवल कम अंक के आधार पर तय नहीं होंगे। जिस विषय या अध्याय में लगातार परेशानी आएगी, उस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। गणित में सवाल हल करने और विज्ञान में प्रश्न समझने जैसी कमियां चिह्नित होंगी। भाषा विषयों में उत्तर लेखन और प्रस्तुतीकरण की कमियां भी पहचानी जाएंगी। विद्यार्थियों को अतिरिक्त अभ्यास और पुनरावृत्ति कराई जाएगी। शिक्षकों को सीखने की गति के अनुसार मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए गए हैं। अभ्यास के बाद दोबारा मूल्यांकन कर सुधार की स्थिति देखी जाएगी।
पाठ्यक्रम पूरा करने का लक्ष्य
जिला विद्यालय निरीक्षक सूर्य प्रकाश सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों की समस्याएं अलग-अलग होती हैं। इसलिए वास्तविक कमजोरी की पहचान कर उसे दूर करने पर जोर रहेगा। जिले के 464 माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 10 और 12 का पाठ्यक्रम 10 जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। प्री-बोर्ड और मॉडल पेपर के जरिये बोर्ड परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी।