अभियोजन पक्ष के मुताबिक 19 जुलाई 2002 को गौरीगंज थाने पर हमला कर लोगों ने पथराव किया था। हमले में गौरीगंज के तत्कालीन थानाध्यक्ष तेज प्रताप सिंह समेत कई पुलिस कर्मियों को चोटे आईं थीं। मामले में थानाध्यक्ष तेज प्रताप सिंह की तहरीर पर पुलिस ने जानलेवा हमला, बलवा समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में पुलिस ने सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह समेत 30 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। 13 आरोपियों ने कोर्ट से अपनी जमानत कराई थी, जबकि विधायक राकेश प्रताप सिंह समेत 17 आरोपी फरार चल रहे हैं।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट षष्ठम अनिल सेठ ने विधायक राकेश प्रताप सिंह समेत 30 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 29 अगस्त की तिथि नियत की है।
राकेश प्रताप सिंह मौजूदा समय में अमेठी जिले के गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र से सपा के विधायक है। इस बाबत एसपी हीरालाल ने बताया कि कोर्ट से जारी गैर जमानती वारंट नहीं मिला है। वारंट मिलने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।