फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राहुल के गढ़ अमेठी में कांग्रेस की किरकिरी

Mon, 04 Jan 2016 10:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अमेठी
विज्ञापन
विज्ञापन
सांसद राहुल गांधी के गढ़ अमेठी में ही जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस की ख्ूाब किरकिरी हुई है। कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी कृष्णा चौरसिया ने सोमवार को पर्चा वापस लेकर सियासी हलके में सनसनी फैला दी। कृष्णा के नामांकन वापस लेने के बाद सपा प्रत्याशी शिवकली मौर्य निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हो गईं। बदले परिदृश्य को जहां सपा की बड़ी सफलता माना जा रहा है, वहीं कांग्रेस की रणनीतिक चूक के रूप में देखा जा रहा है।
विज्ञापन



जिला पंचायत सदस्य के निर्वाचन के बाद पर्याप्त संख्या बल नहीं होने के बावजूद कांग्रेस ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर अपना प्रत्याशी उतारने का फैसला लिया था। इस निर्णय में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की न केवल सहमति थी बल्कि उन्होंने कांग्रेस समर्थित जिला पंचायत सदस्यों और पार्टी के बड़े नेताओं को दिल्ली बुलाकर चुनाव में एकजुट रहने के निर्देश भी दिए थे। लंबी जद्दोजहद के बाद कांग्रेस ने पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित सीट पर 27 नंबर वार्ड से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य कृष्णा चौरसिया को प्रत्याशी घोषित किया।

एक जनवरी को कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी कृष्णा चौरसिया ने दो सेट में अपना नामांकन दाखिल किया। चुनाव में राहुल गांधी की दिलचस्पी व भाजपा, बसपा का प्रत्याशी मैदान में नहीं होने की वजह से सपा प्रत्याशी शिवकली मौर्या और कृष्णा चौरसिया के बीच कांटे का मुकाबला माना जा रहा था लेकिन यह संभावना तीन दिन के भीतर धराशायी हो गई। सोमवार को कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी कृष्णा चौरसिया ने अपना नामांकन वापस लेकर पार्टी को जोरदार झटका दे दिया। कृष्णा चौरसिया के नामांकन वापस लेने के बाद सपा प्रत्याशी शिवकली मौर्या निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हो गईं। दोपहर बाद जिलाधिकारी जगतराज त्रिपाठी ने उन्हें निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र दे दिया।
विज्ञापन


कांग्रेस पार्टी का लेना-देना नहीं : जिलाध्यक्ष
कांग्रेस जिलाध्यक्ष योगेंद्र मिश्रा ने कहा कि यह पार्टी के जिला पंचायत सदस्यों का निर्णय था। कृष्णा चौरसिया ने चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी। उसके बाद पार्टी से जुड़े जिला पंचायत सदस्यों ने उनके नाम पर सहमति दी थी। इससे कांग्रेस पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें