नामी गिरामी शूटर यहां से निकले
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बदहाली से गुजर रहे पूर्वांचल के पहले और सूबे के दूसरे शूटिंग रेंज के दिन बहुरने के आसार बढ़ गए हैं। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सीएसआर के खर्च से शूटिंग रेंज को शुरू कराने का भरोसा दिलाकर शूटरों में उम्मीद की लौ जगा दी है। लंबे समय से यहां के खिलाड़ी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से शूटिंग रेंज की दशा सुधारने की मांग करते रहे हैं।
जगदीशपुर स्थित शूटिंग रेंज की शुरुआत वर्ष 2005 में सांसद राहुल गांधी ने निशानेबाजी के अंतर्राष्ट्रीय कोच डॉ. राजपाल सिंह को भेजकर की थी। डॉ. राजपाल सिंह ने पांच-छह वर्षों में ही निशानेेबाजों की बेहतरीन नर्सरी यहां तैयार कर ली। यहां के कई शूटरों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एयर पिस्टल व एयर रायफल में खेलने का मौका मिला।
राजीव गांधी महाविद्यालय के भवन में संचालित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) से मान्यता प्राप्त शूटिंग रेंज में प्रत्येक साल मार्च महीने में 20 बच्चों का चयन किया जाता था। यह पूर्वांचल का पहला और बागपत के बाद सूबे का दूसरा शूटिंग रेंज था। शूटिंग रेंज के कई बच्चों को खेल कोटे से एयर इंडिया, सेंट स्टीफेंस कॉलेज, इंद्रप्रस्थ कॉलेज आदि में नौकरी व प्रवेश का मौका मिला।
डॉ. राजपाल के मुताबिक सांसद राहुल गांधी व तत्कालीन मुंबई पुलिस कमिश्नर (वर्तमान में बागपत सांसद) डॉ. सत्यपाल सिंह ने भी अपनी एयर पिस्टल बच्चों को देकर आगे बढ़ने को प्रेरित किया था। वर्ष 2011 में ही राजीव गांधी महाविद्यालय में आयोजित 19 अक्तूबर को प्रथम राजीव गांधी मेमोरियल शूटिंग रेंज प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे सांसद राहुल गांधी ने छह माह के भीतर इसे अत्याधुनिक संसाधनों से लैस शूटिंग रेंज बनवाए जाने का वादा किया था लेकिन वह आज तक पूरा नहीं हो सका। इस बीच डॉ. राजपाल सिंह ने भी यहां आना-जाना कम कर दिया।
इन दिनों शूटिंग रेंज बंद होने से शूटर मायूस हैं। रविवार को अमेठी दौरे पर आई केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सीएसआर के पैसे से शूटिंग रेंज बनवाए जाने का भरोसा दिलाकर उम्मीद की लौ फिर जलाई है। राष्ट्रीय व अतंर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में अपनी पहचान बना चुकी शूटर रुचि सिंह ने बताया कि शूटिंग रेंज शुरू होने से यहां के निशानेबाजों को मौका मिलेगा।