बल्दीराय के बघौना में धान की रोपाई करते लोग। संवाद
सुल्तानपुर। जिले में मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पर्याप्त बारिश न होने से धान सहित खरीफ की फसलों पर बुरा असर पड़ रहा है। खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही है।
किसानों को निजी संसाधनों से सिंचाई कर फसल बचानी पड़ रही है। जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। सूखे जैसे हालात बनने की आशंका भी गहराने लगी है। प्रगतिशील किसान सुनील वर्मा ने बताया कि बारिश की कमी से खेतों में पानी नहीं पहुंचा। उन्हें डीजल पंप से सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खर्च बढ़ा है। प्रगतिशील किसान रामकीरत मिश्र ने कहा कि जुलाई की शुरुआत में अच्छी फसल की उम्मीद जगी थी। पर बारिश रुकने से खेत फिर सूखने लगे हैं। शनिवार दोपहर तक बादल छाए रहे, फिर बूंदाबांदी के बाद धूप निकल आई।
मौसम का हाल और किसानों की उम्मीदें
मौसम विज्ञानी भूपेंद्र सिंह पटेल ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान 32.0 और न्यूनतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस रहा। उन्होंने अगले 24 घंटे में हल्की बारिश की संभावना जताई। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान व अन्य खरीफ फसलों की बढ़वार प्रभावित होगी। वहीं किसान सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि निजी सिंचाई से उत्पादन लागत बढ़ रही है। रवींद्र नाथ पांडेय ने कहा कि किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।