कुड़वार। नहर की सिल्ट सफाई का कार्य अभी तक क्षेत्र में शुरू नहीं हो सका है। औरंगाबाद नहर में जमा सिल्ट की सफाई को लेकर सिंचाई खंड-49 के अधिकारी गंभीर नहीं हैं। जिला स्तरीय सिल्ट सफाई समिति के साथ नहरों की सिल्ट सफाई के संबंध में बैठक भी की जा चुकी है। दिसंबर महीने में नहर में पानी छोड़ा जाना है। इसके पहले सिल्ट सफाई का कार्य पूरा कराना विभागीय अधिकारियों के लिए चुनौती बना है।
पिछले 15 अक्तूबर को जिला स्तरीय सिल्ट सफाई समिति की बैठक डीएम की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। बैठक में जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि समय की कमी को ध्यान में रखते हुए तत्काल कार्य प्रारंभ करने की प्रक्रिया शुरू की जाय।
सिल्ट सफाई के लिए विभागों को कुछ बजट भी आवंटित कर दिया गया है। कुड़वार ब्लॉक में सिंचाई खंड-49 के अंतर्गत औरंगाबाद नहर व उससे जुड़ी नौगवां रायतासी, सोहगौली, कुड़वार, बेला, कोटा पूरे पवार माइनर की सिल्ट सफाई का कार्य अभी शुरू नहीं कराया जा सका है।
स्थानीय किसान अशोक यादव, राम स्वारथ, उदित नारायण, वीरेंद्र सिंह समेत अन्य लोगों का कहना है कि सिल्ट सफाई के नाम पर सिर्फ कोरम पूरा किया जाता है। पतईपुर माइनर के अध्यक्ष श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि पतईपुर माइनर में सिल्ट सफाई का कार्य शुरू करा दिया गया है।
अवर अभियंता नीलम ने बताया कि कई माइनरों में सिल्ट सफाई का कार्य कराया जाना है। 15 दिसंबर से पहले इसे पूरा करवा दिया जाएगा। सिंचाई खंड-49 के अधिशासी अभियंता बाबूलाल ने बताया कि दिसंबर महीने में नहर में पानी छोड़ा जाएगा।
सिल्ट सफाई के कार्य के पहले ड्रोन कैमरे से कार्य स्थल का वीडियो बनाया जाना है, जो अभी पूरा नहीं हो सका है। इसी वजह से सिल्ट सफाई के कार्य में विलंब हुआ है। जल्द ही ड्रोन कैमरे से कार्यस्थल की वीडियोग्राफी का कार्य पूरा करा लिया जाएगा। इसके बाद सिल्ट सफाई कराई जाएगी। उसकी भी ड्रोन कैमरे से वीडियोग्राफी होगी।