सुल्तानपुर। स्थानीय डिपो में चालकों की कमी का आलम यह है कि रोज 20 बसों के पहिये नहीं डोल रहे हैं। इसके चलते रोडवेज को प्रतिदिन 50 से 60 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। निगम की बसें नियमित न चल पाने से यात्रियों को दिक्कत हो रही है।
हरदोई, सीतापुर, आजमगढ़, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ जाने के लिए यहां यात्रियों की ठीकठाक भीड़ रहती है। स्थानीय स्तर पर कादीपुर के लिए सबसे ज्यादा सवारियां निकलती हैं। बृहस्पतिवार को चालकों की कमी से 20 बसें खड़ी होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग तो ट्रेन से गंतव्य के लिए रवाना हुए। कम दूरी का सफर लोगों ने निजी बसों व डग्गामार वाहनों से किया।
एआरएम योगेश कुमार शुक्ल ने बताया कि बृहस्पतिवार को 20 बसें चालकों की कमी से खड़ी रह गईं। चालकों की भर्ती की जानी है। व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
कानपुर के लिए सिर्फ एक जनरथ
सुल्तानपुर। स्थानीय डिपो से चार जनरथ बसें संचालित होती हैं। जिसमें से दो सुल्तानपुर से कानपुर व दो बसें वाराणसी जाती हैं। बीते दिनाें कानपुर जा रही एक बस रास्ते में खराब हो गई, जिसे ठीक कराने के लिए अवध डिपो में खड़ा करा दिया गया। अभी तक बस ठीक नहीं हुई है। कानपुर के लिए सिर्फ एक ही बस चल रही है। एआरएम ने बताया कि अवध डिपो से जल्दी ही जनरथ बस बनकर आ जाएगी।