सुल्तानपुर। नीट में हुई धांधली के विरोध में मंगलवार को छात्र संगठन एसएफआई ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ एसएफआई के पदाधिकारियों ने नारेबाजी की। इसके बाद शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को दिया।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए एसएफआई के राज्य सचिव विवेक विक्रम सिंह ने कहा कि नीट का परिणाम घोषित होने के बाद कई शिकायतें सामने आ रही हैं, जो एनटीए के परीक्षा संचालन की पारदर्शिता पर सवाल उठा रही हैं। एक बार फिर साबित हो गया कि केंद्रीकृत संस्था एनटीए नीट जैसी प्रवेश परीक्षा आयोजित करवाने में अक्षम है। एक ही क्रम में लगातार रोल नंबर वाले छात्रों को समान अंक मिले हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों को अब निजी कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
राज्य कमेटी के सदस्य पार्थ सारथी द्विवेदी ने कहा कि मेडिकल क्षेत्र में राज्य आधारित संयुक्त प्रवेश परीक्षा प्रणाली को बदलने के लिए अंतहीन भ्रष्टाचार का तर्क दिया गया था। अब यही अंतहीन भ्रष्टाचार का आरोप नीट को लेकर भी सामने आ रहा है। जिला उपाध्यक्ष दुर्गेश यादव ने कहा कि संगठन पेपरों में हुई धांधली का विरोध करता है।
जिला संयुक्त सचिव निलेश वर्मा ने कहा कि एमबीबीएस-बीडीएस स्नातक स्तरीय प्रवेश परीक्षा में कुल अंक 720 होते हैं। प्रत्येक सही उत्तर के लिए चार अंक दिए जाते हैं। एनटीए ने एक बयान में कहा है कि इस साल के रिजल्ट में ग्रेस मार्किंग भी हुई है। अंत में शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी एस. सुधाकरन को सौंपा। इस मौके पर राजीव तिवारी, वैभव शर्मा, विजय बहादुर, सत्यम विश्वकर्मा, विनय कुमार यादव, हरिओम व अंकित दुबे आदि मौजूद रहे।