सुल्तानपुर। काकोरी कांड के शहीदों की याद में शनिवार को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) व भारत की जनवादी नवजवान सभा (डीवाईएफआई) ने शहर में जुलूस निकाला। पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार परिसर में स्थित पं. राम प्रसाद बिस्मिल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
एसएफआई और डीवाईएफआई ने संयुक्त रूप से काकोरी के शहीदों की याद में सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है नारे के साथ बस अड्डे से पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार तक जुलूस निकाला। यहां पर पं. रामप्रसाद बिस्मिल की मूर्ति पर माल्यार्पण किया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए भारत की जनवादी नवजवान सभा के जिलाध्यक्ष मुदस्सर खान ने कहा कि हम क्रांतिकारी विरासत की शहादत के वारिस हैं। आजादी के आंदोलन में आजाद भारत के बाद का जो सपना हमारे पुरखों ने देखा था, हम उसे पूरा करने के लिए संकल्पित हैं।
एसएफआई के जिला सचिव सौरभ मिश्र ने कहा पं. राम प्रसाद बिस्मिल और अशफाक उल्ला खान की शहादत साझी विरासत का सबसे बड़ा उदाहरण है। ये शहादत हमारे पाठ्यक्रमों का हिस्सा होना चाहिए। डीवाईएफआई के जिला उपाध्यक्ष शशांक पांडेय ने कहा कि देश के अंदर कुछ ताकते हैं जो लगातार लोगों के बीच में जाति और धर्म के आधार पर नफरत फैलाने का काम कर रही हैं।
गोष्ठी को विवेक विक्रम सिंह और राधेश्याम वर्मा ने भी संबोधित किया। इस मौके पर शिवपूजन पांडेय, अभिषेक कुमार, जगदंबा प्रसाद, राजीव तिवारी, राजकुमार, विपिन पाल, शुभम समेत तमाम लोग मौजूद रहे।