गोमती नदी को शहर का कचरा मैला कर रहा है। नदी में स्वच्छ जल प्रवाहित करने के लिए स्थापित तीन सीवरेज प्लांट का संचालन सुचारु रूप से नहीं हो पा रहा है। उपकरणों की खराबी से 24 घंटे प्लांट संचालित नहीं हो पा रहे हैं। इस वजह से शहर का प्रदूषित जल नदी में जा रहा है।
जल निगम की ओर से शहर से निकलने वाले प्रदूषित जल को स्वच्छ करने के लिए तीन सीवरेज प्लांटों की स्थापना की गई है। शहर के बढ़ैयावीर, गोलाघाट व हथियानाला पर सीवरेज प्लांट स्थापित किए गए हैं। इन प्लांटों का संचालन 24 घंटे सुचारु रूप से होना चाहिए, लेकिन उपकरणों में खराबी आने से प्लांट संचालित होने में बाधा आ रही है। शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने गोलाघाट स्थित सीवरेज प्लांट का जायजा लिया तो पता चला कि प्लांट का जनरेटर चार दिन पूर्व अचानक खराब हो गया था।
इस वजह से विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर प्लांट संचालित नहीं हो पाता है। ऑपरेटर ने बताया कि इंजीनियरों की हड़ताल की वजह से अधिकारियों का नियमित निरीक्षण नहीं हो पा रहा है। जनरेटर खराब होने की शिकायत विभाग में दर्ज करा दी गई है। बताया कि पंप के संचालन के लिए तीन ऑपरेेटरों की आठ घंटे की शिफ्ट है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों के रुचि नहीं लेने से गोमती नदी में दूषित जल पहुंच रहा है। इससे जलीय जंतुओं में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
जल्द होगा सुधार : एक्सईएन
सुल्तानपुर। जल निगम के अधिशाषी अभियंता पीसी शुक्ला ने बताया कि डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल होने के चलते प्लांटों का नियमित निरीक्षण नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि जल्द ही जनरेटर में आई कमी को दूर करा दिया जाएगा।