सुल्तानपुर। धान की रोपाई के लिए खेत में पानी ले जाने के विवाद में करीब 13 साल पहले हुए जानलेवा हमले के मामले में दो दिन पूर्व दोषी ठहराए गए पिता-पुत्र सहित तीन अभियुक्तों की सजा पर अदालत ने सोमवार को अपना फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम संध्या चौधरी की अदालत ने दोषियों को सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक पर 9,200 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
दोस्तपुर के खालिसपुर डिंगुर गांव निवासी वादी वंशराज ने 27 जुलाई 2013 की सुबह करीब साढ़े सात बजे की घटना बताते हुए स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप के मुताबिक वह अपने पुत्र महेंद्र प्रताप व अन्य परिजन के साथ गांव के ही बाबूलाल के खेत से पंपिंग सेट से अपने खेत में पानी ले जा रहे थे।
उसी दौरान सहसा-खालिसपुर डिंगुर निवासी आरोपी रमेश व उनके पुत्र जितेंद्र व सह आरोपी लल्लन ने लाठी-डंडे व धारदार हथियार से उन पर जानलेवा हमला किया। हमले में गंभीर चोट आने की वजह से वादी का पुत्र महेंद्र बेहोश हो गया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक उस घटना में आई चोट का असर आज भी महेंद्र पर है। मामले में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश हुई और उनके खिलाफ ट्रायल पूरा हुआ। अदालत ने दो दिन पूर्व तीनों आरोपियों को हमले व अन्य अपराधों का दोषी मानते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया था।