जिले में सात स्थानों पर 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना के लिए पूर्व में मिली स्वीकृति के आधार पर निर्माण कार्य रूद्दद्भह्ल प्रारंभ हो गया है। शासन के निर्देश पर चुनावी अधिसूचना से पूर्व सभी उपकेंद्रों का निर्माण शुरू करने वाली कार्यदायी संस्था को काम पूरा करने के लिए एक वर्ष का समय दिया गया है।
सभी उपकेंद्रों के निर्माण का काम केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत हो रहा है। इसके निर्माण से दो लाख लोगों को ओवरलोड और लो वोल्टेज की समस्या से निजात मिल जाएगी।
पावर कॉर्पोरेशन के वितरण खंड ने आवश्यकता को देखते हुए जिले में आठ स्थानों (मऊ, करपिया, वारिसगंज, सत्थिन, दखिनवारा, पीपरपुर, शुकुलपुर व हतवा) में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव दो वर्ष पूर्व शासन के पास भेजा था।
शासन ने इसे संस्तुति प्रदान करते हुए काम शुरू कराने की बात कही थी। शासन ने सिर्फ हतवा (जायस) में निर्मित होने वाले उपकेंद्र के लिए ही धन आवंटित किया। इसके चलते यहां उपकेंद्र काफी दिन पहले बन गया। पावर कॉर्पोरेशन जहां अन्य उपकेंद्रों को बनवाने की जुगत में लगा था वहीं प्रदेश सरकार धन नहीं होने का हवाला देकर काम को टाल रही थी।
आखिरकार कॉर्पोरेशन के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने पहले से स्वीकृत सभी सात उपकेंद्रों का निर्माण की जिम्मेदारी ली। केंद्र के आदेश पर बीते दिनों पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से जुड़े अधिकारियों ने चयनित स्थलों का निरीक्षण कर सहमति जताई।
सहमति के बाद सरकार ने उपकेंद्रों के निर्माण का काम फैजाबाद के दिव्यांश कंस्ट्रक्शन कंपनी को देते हुए निर्माण का काम शुरू करने का आदेश दिया था। केंद्र के आदेश पर कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है। कॉर्पोरेशन सूत्रों की मानें तो करीब 42 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले सभी उपकेंद्रों का काम पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को वर्ष 2017 के अंत तक का समय दिया गया है।
पावर कॉर्पोरेशन के वितरण खंड-1 के एक्सईएन भरत सिंह व खंड-2 के एक्सईएन हनुमान प्रसाद मिश्र ने बताया कि पूर्व स्वीकृत सभी सात स्थानों पर उपकेंद्रों का निर्माण प्रारंभ हो गया है। इससे पुराने उपकेंद्रों का लोड घटेगा, जिसका फायदा सभी विद्युत उपभोक्ताओं को होगा।