स्थानीय थाना क्षेत्र के टीकर गांव में शनिवार की दोपहर आग ने कहर बरपाया। घूर-गड्ढे में फेंकी गई राख से निकली चिंगारी से छप्पर में लगी आग की चपेट में आने सात मकान राख हो गए। ग्रामीणों की सूचना के बाद भी अग्निशमन दल समय से नहीं पहुंच सका। घंटों की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। आग से करीब आठ लाख रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है। दमकल कर्मियों के विलंब से पहुंचने पर ग्रामीणों में रोष रहा।
कूरेभार थाना क्षेत्र के टीकर गांव में किसी ने घूर के गड्ढे में राख फेंकी थी। राख में आग की कुछ चिंगारियां भी थीं। दोपहर करीब एक बजे राख से चिंगारी निकली एक चिंगारी दिवाकर के घर के छप्पर पर जा गिरी। इससे छप्पर में आग लग गई। पछुआ हवा की वजह से देखते की देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। पड़ोसी सुधाकर का कच्चा मकान भी आग की चपेट में आ गया।
ग्रामीण जब तक आग बुझाने की कोशिश शुरू करते तहब तक ओम प्रकाश, हौंसिला प्रसाद, विजय मिश्रा, काली प्रसाद व मोहम्मद हदीस का मकान भी आग की चपेट में आ गए। आग से पूरे गांव में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने आग लगने की सूचना अग्निशमन विभाग को दी। सूचना के बाद भी फायर ब्रिगेड की टीम समय पर गांव नहीं पहुंच सकी। घंटों की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया।
आग से सभी के घरों के अनाज, कपड़े, बर्तन, चारपाई, तख्त समेत अन्य घरेलू सामान जलकर राख हो गए। आग बुझने के बाद फायर ब्रिगेड का वाहन घटनास्थल पर पहुंचा। फायर ब्रिगेड के विलंब से पहुंचने पर ग्रामीणों में रोष रहा। ग्रामीणों के मुताबिक आग से करीब आठ लाख रुपये की संपत्ति जल कर राख हो गई है। समाचार भेजे जाने तक राजस्व कर्मियों की टीम गांव में हुए नुकसान का जायजा लेने नहीं पहुंच सकी थी।