सुल्तानपुर। बकाया रुपये की वसूली के नाम पर युवक का अपहरण कर उसकी हत्या करने और सबूत मिटाने के 17 साल पुराने मामले में शुक्रवार को अदालत ने फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश की अदालत ने पति-पत्नी सहित सात आरोपियों को हत्या, अपहरण और साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दिया है। सभी दोषियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। अदालत सोमवार को सजा सुनाएगी।
अभियोजन के अनुसार चांदा थाना क्षेत्र के कोइरीपुर स्थित कंचन नगर निवासी बेला देवी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। आरोप के अनुसार एक मई 2009 की सुबह बेला देवी के बेटे राजेश गुप्ता को घर के बाहर से पन्नालाल अग्रहरि, मनोज कुमार (पुत्र विष्णुलाल), सत्यनारायण, अनंत लाल, सरिता देवी, मनोज कुमार (पुत्र रमाशंकर), राकेश अग्रहरि और पिंटू बुलाकर ले गए। आरोपियों ने कहा था कि राजेश पर उनका पैसा बकाया है। आज हिसाब कर लिया जाएगा। राजेश के घर नहीं लौटने पर परिजनों को पता चला कि उसने सल्फास खा लिया है और लंभुआ अस्पताल ले जाया गया है। वहां पहुंचने पर पता चला कि लखनऊ रेफर किया गया है। कुछ देर बाद आरोपी राजेश का शव लेकर उसके घर पहुंचे और इब्राहिमपुर घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।