लिफ्ट की जांच करते वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता।
सुल्तानपुर। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या तीन पर लिफ्ट खराब होने से फंसे दो युवकों के मामले की जांच करने शनिवार दोपहर साढ़े 12 बजे लखनऊ से वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता मनोज सिरोहा पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से पूछताछ की, फिर प्लेटफॉर्म पर उस जगह पहुंचे, जहां लिफ्ट खराब होने के बाद तोड़ा गया था।
उन्होंने लिफ्ट की बिजली सप्लाई व अन्य जांचें की। उन्होंने रेलवे की तकनीकी टीम को मौके पर बुलाया और बारीकी से कमियों को समझा। इसके बाद उन्होंने लखनऊ से विशेषज्ञों की टीम बुलाई। स्थानीय रेलवे स्टेशन के यांत्रिकी विभाग के कर्मचारी अनवर व धीरेंद्र से घटना की जानकारी ली। सूचना के बाद भी देरी से पहुंचने का कारण जाना और रात में तैनात रेलवे के अन्य स्टाफ से पूछताछ की। हालांकि इस दौरान वह सवालों से बचते नजर आए।
विशेषज्ञों की टीम करेगी जांच
जांच के बाबत मिली खामियों के बारे में पूछे जाने पर मनोज सिरोहा ने सिर्फ इतना कहा कि अभी हम किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं। लखनऊ से विशेषज्ञों को बुलाया गया है। आगे की जांच विशेषज्ञों की टीम करेगी। उसके बाद जांच रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
पिता बोले- नहीं भूलूंगा यह घटना, करुंगा शिकायत
आदर्श के पिता नायब सूबेदार प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि यह ऐसी घटना है, जिसे मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा। माना कि लिफ्ट मशीनरी आइटम है, खराब हो सकती है। इस दौरान किसी अनहोनी पर किसकी जिम्मेदारी बनती है। यह तो तय होना चाहिए। ढाई घंटे बच्चे लिफ्ट में जूझते रहे, रेलवे का कोई भी कर्मी न तो फोन उठा रहा था, न बच्चों की मदद कर रहा था। किसी तरह बच्चे ने लिफ्ट तोड़कर बाहर निकले तो रेलकर्मियों ने अभद्रता भी की।
दरअसल, बृहस्पतिवार रात शहर के महुअरिया निवासी आदर्श त्रिपाठी व कुशाग्र रेलवे स्टेशन की लिफ्ट में फंस गए थे। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा तोड़कर उन्हें निकाला जा सका था।