सुल्तानपुर। सीडीओ के निरीक्षण में डीआईओएस कार्यालय के दो कर्मचारी मनमाने तरीके से कार्य करते पाए गए। डीआईओएस की ओर से दोनों कर्मचारियों के मनमाने तरीके से कार्य करने की पुष्टि के बाद सीडीओ का पारा चढ़ गया। सीडीओ ने दोनों का वेतन रोकने का निर्देश देते हुए जवाब मांगा है।
बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी अतुल वत्स अचानक डीआईओएस कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंच गए। इस दौरान स्थापना पटल सहायक राजकुमार पाठक का कार्य अव्यवस्थित पाया गया। इसके साथ ही संचारी रोग अभियान से संबंधित पटल का कार्य देख रहे कनिष्ठ लिपिक सुरजीत का कार्य भी सही नहीं पाया गया।
संचारी रोग से संबंधित पंफ्लेट, पोस्टर आदि का वितरण स्कूलों में अभियान समाप्त होने की तिथि नजदीक आने तक नहीं किया जाना पाया गया।
पूछताछ में डीआईओएस ने दोनों कर्मचारियों की ओर से मनमाने तरीके से कार्य करने की पुष्टि की। इस पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए अभी तक इसकी सूचना डीएम व उन्हें नहीं दिए जाने पर डीआईओएस के प्रति भी नाराजगी जताई। दोनों का वेतन बाधित करने का निर्देश देते हुए जवाब मांगा है।
बीएसए कार्यालय के निरीक्षण में सीडीओ को कोविड वैक्सीनेशन व टेस्ट कैंप में भीड़ पाई गई। कार्यालय में प्रत्येक पटल पर बिना मतलब के कई लोग बैठे पाए गए। अभिलेखों के सत्यापन में लगाए गए अध्यापक सत्यापन के संबंध में सही जवाब नहीं दे सके। इस पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए व्यवस्था में सुधार का निर्देश दिया है।
इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी ने भदैंया विकास खंड के पखरौली गांव में प्रसाधनों का जायजा लिया। चार के सत्यापन में एक व्यक्ति अपात्र की श्रेणी में पाया गया। सीडीओ ने जिला पंचायतराज अधिकारी आरके भारती को जिले भर की सूची का सत्यापन खंड प्रेरकों से कराने का निर्देश दिया।