सुल्तानपुर। मनरेगा के सरकारी हाजिरी ऐप में सेंधमारी कर रोजगार सेवकों और मेट के मोबाइल नंबरों पर एप अपलोड किया गया है। जिससे बड़ी संख्या में मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है। मजदूरों की संख्या में अचानक वृद्धि से अधिकारी भी सकते में आ गए हैं।
अधिकारियों ने ब्लॉकों से अपलोड हो रही हाजिरी रिपोर्ट की छानबीन शुरू की है। उपायुक्त मनरेगा अजीत कुमार सिंह को हाल ही में कूरेभार विकास खंड में फर्जी हाजिरी मिली। कूरेभार में मंगलवार को 122 कार्यों पर 336 मस्टररोल जारी हुए। इसमें 2618 मजदूरों को काम करते दर्शाया गया था। सोनारा, सेउर, सलीमपुर, लमकना और परसा जैसे गांवों में भी ऐसी ही स्थिति थी।
जयसिंहपुर के वैदहा, बहाउद्दीनपुर सहित अन्य विकास खंडों में भी फर्जीवाड़ा सामने आया है। कुछ बाहरी लोग बाजार में यह एप तीन से दस हजार रुपये में बेच रहे हैं। इसे मोबाइल में अपलोड कराकर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। प्रकरण की जानकारी मिलते ही उपायुक्त मनरेगा ने इसे अपलोड करने वालों की तलाश शुरू करा दी है।
विक्रेता के मिलने पर दर्ज कराई जाएगी प्राथमिकी
प्रकरण की जानकारी मिलते ही उपायुक्त मनरेगा ने ऐप अपलोड करने वालों की तलाश शुरू की। अजीत कुमार सिंह ने खंड विकास अधिकारियों को अपने क्षेत्रों की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि विक्रेता के मिलने पर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। इस सेंधमारी से मनरेगा योजना की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
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