सुल्तानपुर। समस्त शिक्षा बोर्डों से संबद्ध माध्यमिक विद्यालयों को छह जुलाई से खोला जाएगा। विद्यालयों में ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण व नए सत्र में प्रवेश के लिए प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मी मौजूद रहेेंगे। विद्यालय भवन व फर्नीचर को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए समय-समय पर सैनिटाइज कराया जाएगा।
शासन की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला के आदेश के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक श्याम किशोर तिवारी ने जिले में संचालित समस्त प्रकार के माध्यमिक विद्यालयों को छह जुलाई से खोलने का निर्देश दिया है।
विद्यालय में बच्चों को नहीं बुलाया जाएगा लेकिन ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण तथा नए सत्र में प्रवेश आदि के लिए प्रधानाचार्य, शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मी मौजूद रहेंगे। सभी प्रधानाचार्यों को 10 बिंदुओं पर एडवायजरी जारी की गई है।
इसमें कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए नियमित रूप से सैनिटाइजेशन करना, विद्यालय में आने वाले शिक्षकों/शिक्षणेत्तर कर्मियों का प्रवेश से पूर्व थर्मल स्कैनिंग करना, कोविड-19 से बचाव के लिए सैनिटाइजर तथा नियमित हैंडवॉश के लिए साबुन आदि की व्यवस्था करना शामिल है।
कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों का अनुपालन भी सुनिश्चित किया जाएगा। छह जुलाई के बाद शिक्षक अभिभावक संघ की बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें ऑनलाइन पठन-पाठन की व्यवस्था से अवगत कराते हुए इसके लिए प्रेरित किया जाएगा।
ऑनलाइन शिक्षण प्रणाली के प्रभावी संचालन के लिए अधिकारियों, प्रधानाचार्यों, शिक्षकों व विद्यार्थियों को वेबिनार तथा ऑनलाइन ट्यूटोरियल के माध्यम से प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। नए सत्र के लिए प्रवेश की कार्रवाई सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए कराई जाएगी। विद्यालयों में स्टॉल लगवाकर विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी।
शासन ने निर्देश दिया है कि नियमित रूप से वेतन प्राप्त करने वाले अभिभावक तथा जो मासिक शुल्क जमा करने का सामर्थ्य रखते हों, वे नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर शुल्क जमा करें।
जो अभिभावक शुल्क जमा करने में असमर्थ हैं, उन्हें शुल्क न जमा कर पाने के कारणों का उल्लेख करते हुए लिखित प्रार्थनापत्र संबंधित प्रधानाचार्यों को उपलब्ध कराना होगा। शुल्क जमा न हो पाने की स्थिति में किसी भी विद्यालय के छात्र को ऑनलाइन पठन-पाठन से वंचित नहीं किया जाएगा और न ही इस आधार पर किसी छात्र का नाम विद्यालय से काटा जाएगा।