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समझौते में हुए भूमि विवाद निस्तारण को एसडीएम कोर्ट से मिलेगी मान्यता

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सुल्तानपुर। भूमि विवाद के छोटे-छोटे बंटवारे व पैमाइश का समझौते के आधार पर हुए निस्तारण को एसडीएम कोर्ट से विधिक मान्यता जल्द मिलने के आसार हैं। भूमि विवाद के बढ़ते मामलों को देखते हुए डीएम ने इसकी पहल शुरू की है। प्रयास कारगर हुआ तो जल्द ही राजस्व टीम के सामने हुए समझौते के बाद व्यवस्था लागू हो जाएगी।
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खतौनी के भूमि विवाद के संबंध में शासन से प्रशासन तक रोजाना आ रही शिकायतों का निस्तारण प्रशासन की ओर से पुलिस व राजस्व टीम के साथ आए दिन कराया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि दो पक्षों के बीच समझौते के बाद हुए निस्तारण के पश्चात अधिकांश मामलों में फिर शिकायतें आ रही हैं।
यह स्थिति तब है जब पुलिस व राजस्व टीम के सामने हुए समझौते पर दोनों पक्ष राजी होकर हस्ताक्षर करते हैं। अब ऐसे समझौते को जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने विधिक मान्यता दिलाने की पहल की है। पुलिस व राजस्व टीम के सामने खतौनी संबंधी भूमि का दो पक्षों के बीच पैमाइश से हुए समझौते का हस्ताक्षरित एसडीएम कोर्ट तक आएगा।
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संबंधित एसडीएम कोर्ट की ओर से पैमाइश के साथ हुए समझौते का निस्तारण आदेश जारी किया जाएगा। आदेश जारी होने के बाद उसे न्यायालय की मान्यता मिल जाएगी। डीएम का मानना है कि कुछ ऐसे खतौनी संबंधी भूमि विवाद सामने आते हैं जिसमें एक पक्षकार एसडीएम कोर्ट से विधिक पैमाइश कराने की आर्थिक स्थिति में नहीं होता है।
इसके साथ ही कोर्ट से विधिक पैमाइश में समय भी लंबा लगता है। इसे देखते हुए डीएम ने एसडीएम कोर्ट से होने वाली विधिक पैमाइश में लगने वाले एक हजार रुपया शुल्क को माफ कराने के संबंध में अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार से वार्ता की है।
इसका प्रस्ताव भी डीएम की ओर से अपर मुख्य सचिव के पास भेजा रहा है। प्रस्ताव स्वीकृत होते ही एसडीएम कोर्ट पर विधिक पैमाइश में लगने वाले एक हजार रुपए से भी लोगों को राहत मिल जाएगी। साथ ही समझौते के आधार पर हुई पैमाइश की मान्यता एसडीएम कोर्ट से मिल जाएगी।
खतौनी संबंधी भूमि विवाद में हुए समझौते के कुछ दिन बाद समझौता टूट जाता है। इसके बाद फिर शिकायतें आती हैं। इसे देखते हुए समझौते को एसडीएम कोर्ट से आदेश के जरिए मान्यता दिलाने की पहल की गई है।
अपर मुख्य सचिव के पास जल्द प्रस्ताव भेजकर एक हजार रुपया विधिक पैमाइश में लगने वाला शुल्क भी माफ कराया जाएगा। इससे खतौनी संबंधी विवाद जल्द व आसानी से निस्तारित हो सकेंगे।- रवीश गुप्ता, जिलाधिकारी।
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