जयसिंहपुर के मुईली का टीएचआर प्लांट।
सुल्तानपुर। जयसिंहपुर के मुईली गांव में संचालित टीएचआर (टेक होम राशन) प्लांट में लाखों रुपये की गड़बड़ी का एक और मामला सामने आया है। प्लांट पर बिना सामग्री आए प्रतापगढ़ जिले की एक दुकान को 18.50 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। प्लांट को भी बंद कर दिया गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त ने तत्कालीन बीएमएम पर गबन का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया है।
जयसिंहपुर के ब्लाॅक मिशन प्रबंधक (बीएमएम) अवधेश कुमार ने स्थानांतरण होने के बाद भी बीएमएम पवन सिंह को चार्ज नहीं दिया था। बीते 25 अप्रैल को जिला मिशन प्रबंधक नीरज श्रीवास्तव के साथ उपायुक्त एनआरएलएम केडी गोस्वामी टीएचआर प्लांट पहुंचे थे। दोनों अधिकारियों की जांच के दौरान गेहूं समेत करीब 18 लाख रुपये की सामग्री गायब मिलने पर बीएमएम अवधेश कुमार के खिलाफ जयसिंहपुर थाने में केस दर्ज कराया गया था। उसी दिन जांच में पता चला था कि प्लांट पर विभिन्न सामग्री पहुंचे बिना ही दो जुलाई 2024 को 18,50,640 रुपये का भुगतान प्रतापगढ़ जिले के रानीगंज कैथोला की एक दुकान को कर दिया गया। इसमें एक बिल 12,47,424 रुपये का और दूसरा 6,03,2116 रुपये का है।
पूछताछ में प्लांट का संचालन कर रही महिलाओं ने बीएमएम के दबाव में भुगतान करने की बात स्वीकारी। महिलाओं ने इसे लिखित में उपायुक्त काे दिया कि बिना चीनी, चना की दाल, सोयाबीन ऑयल व मिक्स मसाला आए ही उनसे भुगतान कराया गया। घपलेबाजी के साथ नियम विरुद्ध दूसरे जिले की दुकान को भुगतान किए जाने का मामला मिलते ही अधिकारियों के होश उड़ गए। जांच के बाद उपायुक्त ने इसकी रिपोर्ट सीडीओ को दी। सीडीओ के निर्देश पर उपायुक्त ने शुक्रवार को बीएमएम अवधेश कुमार के खिलाफ गबन करने की तहरीर पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह को दी है।