पांचोपीरन दरगाह शरीफ पर 836 वें सावनी मेले में बृहस्पतिवार को जायरीनों का हुजूम उमड़ा। मेले में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल देखने को मिली। हिंदू-मुस्लिम बिरादरी के लोगों ने दरगाह पर माथा टेका व चादर चढ़ाई। मेले में उमड़ी हजारों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इंतजामिया कमेटी व पुलिस के जवान भी मुस्तैद रहे। सुबह जायरीनों के आने का शुरू हुआ सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।
शहर के गोमती पुल के पास स्थित पांचोपीरन शरीफ दरगाह का इतिहास काफी पुराना है। अर्से से लोग यहां चादर चढ़ाने व दुआ मांगने आते हैं। बृहस्पतिवार को दरगाह शरीफ 836वें सावनी मेले का आयोजन किया गया। सुबह से ही जायरीनों की भीड़ पांचोपीरन मेला स्थल पर उमड़ने लगी थी। गोमती पुल के पास से दरगाह शरीफ तक जायरीनों का तांता लगा रहा। सावनी मेले के इंतजामिया कमेटी के ओर से कैंप लगाया गया था।
जायरीनों की सहूलियत व सुरक्षा को लेकर चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे। लोगों ने दरगाह पर चादर चढ़ाकर मुल्क व परिवार के तरक्की की मन्नत मांगी। मेले में युवा, बुजुर्ग,बच्चों के अलावा महिलाओं की भी खासी तादाद रही। इंतजामिया कमेटी के मुतवल्ली अकर अली खान ने बताया कि दरगाह पर जायरीनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी इंतजाम किए गए हैं। कमेटी के पदाधिकारियों को विभिन्न स्थलों की जिम्मेदारी दी गई। दरगाह पर अजमत उल्ला खान, स्वामीनाथ मौर्य, शमशेर खां, शाहरूख खान समेत अन्य मौजूद रहे।