अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
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कादीपुर (सुल्तानपुर)। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकी मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए महेंद्र यादव का पार्थिव शरीर बुधवार को खालिसपुर मुबारकपुर गांव में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। शहीद के अंतिम दर्शन को जनसैलाब उमड़ पड़ा। मलिकपुर नोनरा गांव में दो दिनों तक एक भी प्रशासनिक अधिकारियों के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया।
ग्रामीणों ने शहीद के घर जा रहे तहसीलदार और सपा विधायक को दौड़ा लिया, जबकि एसडीएम के वाहन पर पत्थरबाजी कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। शहीद के परिवारीजन घर पर मुख्यमंत्री के आने की मांग कर रहे थे। डीएम और एसपी के समझाने-बुझाने और शहीद परिवार को हर संभव मदद दिलाने का भरोसा देने के बाद साढ़े तीन घंटे विलंब से शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। दिल्ली से पहुंचे बीएसएफ के जवानों ने मातमी धुन के बीच शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के मलिकपुर नोनरा गांव निवासी किसान राम शब्द यादव के पुत्र महेंद्र यादव (27) बीएसएफ में सब इंस्पेक्टर थे। बीते सोमवार को वे आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में शहीद हो गए थे। दो दिनोें से किसी प्रशासनिक अधिकारी के गांव नहीं पहुंचने से क्षेत्र के लोगों में काफी गुस्सा था। बुधवार को लोगों ने सुबह नौ बजे मुड़िलाडीह बाजार में हिंदुस्तान जिंदाबाद का नारा लगाते हुए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का पुतला फूंका और बाजार बंद कर दी। इस बीच शहीद के घर जा रहे तहसीलदार रामचंद्र सरोज को ग्रामीणों ने दौड़ा लिया।
करीब साढ़े 12 बजे शहीद के घर जा रहे एसडीएम कादीपुर डॉ. कृपाशंकर पांडेय के वाहन पर लोगों ने पत्थरबाजी कर दी जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही दोनों अधिकारी गांव के लिए रवाना हो गए। इस दौरान मलिकपुर नोनरा गांव पहुंचे सपा के कादीपुुर विधायक रामचंद्र चौधरी को ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने विधायक मुर्दाबाद और वापस जाओ-वापस जाओ का नारा लगाया।
लंबे इंतजार के बाद दोपहर बाद एक बजकर 30 मिनट पर शहीद का पार्थिव शरीर घर लाया गया। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी ग्रामीणों की भीड़ ने शव पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। डीएम और शहीद के परिवारीजनों के बीच चली लंबी वार्ता के बाद परिवारीजन शहीद का पार्थिव शरीर सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए तैयार हो गए। घर से करीब दो सौ मीटर दूर स्थित खालिसपुर मुबारकपुर गांव में सड़क किनारे शहीद का शव दिल्ली से लेकर पहुंचे बीएसएफ 25 बटालियन के इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार समेत नौ जवानों ने अंतिम सलामी दी।