सुल्तानपुर। पशुपालक ने एक गाय का बीमा दो बीमा कंपनियों से कराकर क्षतिपूर्ति के लिए छह साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी। जिला उपभोक्ता आयोग ने पशुपालक को क्षतिपूर्ति के लिए हकदार नहीं मानते हुए परिवाद खारिज कर दिया है। कुड़वार थाने के नेऊरा गांव निवासी ललिता देवी ने 90 हजार रुपये कीमत की गाय का बीमा 28 जून 2017 को द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से कराया था, जो 27 जून 2018 तक वैध था। बीमा अवधि में सात नवंबर 2017 को गाय की मौत हो गई थी। क्षतिपूर्ति नहीं मिलने पर ललिता देवी ने छह जुलाई 2018 को बीमा कंपनी के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया था।
सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने अपने जवाब में कहा कि परिवादी ललिता देवी ने एक ही गाय का बीमा द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी व ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी से कराया था। बीमा कंपनी का कहना है कि लाभ प्राप्त करने के लिए एक ही गाय का बीमा दो अलग-अलग कंपनियों से कराना संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। आयोग के अध्यक्ष रामलखन सिंह चंद्रौल व सदस्य भारत भूषण तिवारी ने पशुपालक को क्षतिपूर्ति के लिए हकदार न मानते हुए परिवाद खारिज कर दिया है।