सुल्तानपुर। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की धीमी प्रगति पर बाल विकास सेवा और पुष्टाहार विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को हुई समीक्षा बैठक में 63 मुख्य सेविकाओं की प्रगति 50 फीसदी से कम मिली। जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद कुमार त्रिपाठी ने इन मुख्य सेविकाओं का सितंबर महीने का वेतन लक्ष्य पूरा होने तक रोकने के निर्देश दिए।
उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर सप्ताहभर में स्पष्टीकरण मांगा गया है। योजना का लक्ष्य 15,810 पात्र गर्भवतियों के आवेदन कराना था। इसके मुकाबले अब तक केवल 8,473 आवेदन ही हुए हैं। आवेदन और प्रथम चरण के सत्यापन की धीमी गति पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। कुछ मुख्य सेविकाओं का कार्य संतोषजनक रहा, जिन्होंने 75 फीसदी तक प्रगति हासिल की। अधिकारियों ने कार्य में सुधार लाने को कहा है और लक्ष्य पूरा होने पर रोका गया वेतन बहाल होगा।