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फर्जी दस्तावेज पर नौकरी पाने वाले शिक्षक पर बर्खास्तगी की तलवार

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सुल्तानपुर। अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल करने वाले शिक्षक का प्रमाणपत्र एसडीएम ने रद्द कर दिया। इसके बाद शिक्षक पर बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है।
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मोतिगरपुर विकास खंड क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय उदयपुर सकरवारी में सहायक अध्यापक के रूप में कादिर की तैनाती है। कादिर ने दो मई 1990 का निर्गत हुआ अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र नौकरी के समय लगाया था।
बीते दिनों एक व्यक्ति ने शिकायत की थी कि कादिर ने अनुसूचित जाति (नट) का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल की थी। जबकि वह इस बिरादरी से संबंधित नहीं है। शिकायत के मामले की जांच हुई तो परतें खुलनी शुरू हुईं।
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जयसिंहपुर एसडीएम ने मामले की तहकीकात में गड़बड़ी मिलने पर 21 मई 2020 को कादिर के अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र को रद्द कर दिया। चूंकि इसी सर्टिफिकेट के आधार पर कादिर को नौकरी मिली थी। इसलिए कास्ट सर्टिफिकेट रद्द होने के बाद कादिर की नौकरी पर संकट गहरा गया है।
शिक्षक कादिर ने मंडलायुक्त अयोध्या के यहां इस मामले में अपील की थी। जिस पर कमिश्नर ने बीएसए को शिक्षक का पक्ष सुनने का निर्देश दिया था। कमिश्नर ने शिक्षक का पक्ष सुनने के बाद ही कार्रवाई का आदेश दिया है।
आज पक्ष रखने का दिया समय
बीएसए दीवान सिंह यादव ने बताया कि अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र पर सहायक अध्यापक के रूप में नौकरी करने के मामले में शिक्षक को अपना पक्ष रखने का समय दिया गया है। दो मार्च को सायं चार बजे बीएसए कार्यालय में शिक्षक को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। पक्ष सुनने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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